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विक्रमशिला पुल पर रात के 12 बजते ही लग गया 'स्टॉप', खिंच गई लक्ष्मण रेखा! दो हिस्सों में बंटा बिहार, बीच में आ गई गंगा

Published: Thu, 01 Oct 2026 09:04 AM (IST)

Vikramshila Setu Closes भागलपुर में विक्रमशिला सेतु मरम्मत के लिए आधी रात को तीन महीने के लिए बंद कर दिया ...और पढ़ें

Vikramshila Setu Closes

Vikramshila Setu Closes

HighLights

  1. विक्रमशिला सेतु आधी रात को तीन महीने के लिए बंद।

  2. यात्रियों को मुंगेर से 160 किमी अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा।

  3. मरम्मत के लिए भारी मशीनें तैनात, जल्द शुरू होगा कार्य।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Vikramshila Setu Closes घड़ी की सुइयां जैसे ही रात के 12 पर एक साथ आकर ठहरीं, पूर्वी बिहार और कोसी-सीमांचल की सबसे अहम लाइफलाइन 'विक्रमशिला सेतु' की धड़कनें आगामी तीन महीनों के लिए थम गईं। रात के ठीक 12 बजते ही भागलपुर स्थित हाउसिंग कॉलोनी मोड़ के पास पुलिस ने लोहे के बैरिकेड्स खींचकर सेतु के मुहाने पर औपचारिक पहरा बैठा दिया।

12 बजने से ठीक तीन मिनट पहले यानी 11:57 बजे तक गाड़ियां सरपट रफ्तार से गंगा पार कर रही थीं, लेकिन 12 बजने के चंद पलों बाद ही सेतु का प्रवेश द्वार आम मुसाफिरों के लिए हमेशा की तरह नहीं, बल्कि एक अभेद्य दीवार में तब्दील हो गया।

इससे पहले रात करीब 9:30 बजे सेतु के मुहाने पर एक अजीब सी बेचैनी थी। आसपास के स्थानीय लोग पुल बंद होने का नजारा देखने जुटे थे। रात 10:30 बजे तक गुजरने वाले हर मुसाफिर के चेहरे पर उत्सुकता और संशय था।

बाइक और कार चालक रुककर पुलिसकर्मियों से तस्दीक करते—"क्या सचमुच कल से पुल बंद हो जाएगा?" और जैसे ही खाकी से जवाब मिलता—"हां, रात 12 बजते ही ताला लग जाएगा", लोग तुरंत एक्सीलेटर दबाकर भागते नजर आए।

विक्रमशिला सेतु: आधी रात की डायरी (टाइमलाइन)

  • रात 09:30 बजे: सेतु के मुहाने पर स्थानीय उत्सुक लोगों का जमावड़ा, बंदी के समय को लेकर होती रही सुगबुगाहट।

  • रात 10:30 बजे: सामान्य आवागमन जारी; राहगीर गाड़ियां रोक-रोककर पूछते रहे—'क्या सच में बंद हो रहा है पुल?'

  • रात 11:57 बजे: सेतु पर सरपट दौड़ते रहे वाहन, पुलिसकर्मियों ने बैरिकेडिंग की उल्टी गिनती शुरू की।

  • रात 12:00 बजे: 'कट-ऑफ टाइम' होते ही हाउसिंग कॉलोनी मोड़ पर बैरिकेड लगाकर पुल को पूरी तरह सील कर दिया गया।

  • रात 12:10 बजे: रांची से अररिया जा रहे मरीज के लाचार स्वजन और दर्जनों अन्य गाड़ियां रोकी गईं, पुलिस से लगाई मिन्नतें।

  • रात 12:15 बजे: पुनर्स्थापन में जुटने वाली भारी मशीनों व क्रेन के प्रवेश के लिए बैरिकेड खोलकर रास्ता दिया गया।

12 बजे जब बैरिकेड लगाया जा रहा था, तब नवगछिया की ओर से आई आठ-दस गाड़ियों को आनन-फानन में निकाल दिया गया। इसी आपाधापी में नवगछिया की ओर से बेहद तेज रफ्तार में आ रही एक बाइक सेतु पहुंच पथ पर अनियंत्रित होकर फिसल गई और चालक बुरी तरह जख्मी हो गया।

Vikramshila Setu Closed for 3 Months in Bhagalpur (1)

साहब, रांची से बेटी का इलाज कराकर आ रहे हैं...

पुल सील होने के महज दस मिनट बाद ही बाइपास की तरफ से 10 से 12 गाड़ियों का काफिला पहुंच गया, जिसे पुलिस ने बैरिकेड के आगे ही रोक दिया। इनमें रांची से अपनी मानसिक रूप से अस्वस्थ बेटी का इलाज कराकर अररिया लौट रहे उपेंद्र और उनका परिवार भी शामिल था।

लाचार पिता पुलिसकर्मियों के आगे दोनों हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाते रहे—"साहब, बच्ची बहुत बीमार है, पुल बंद होने की खबर सुनकर बहुत तेजी से भागलपुर पहुंचे हैं, बस एक बार पार करा दीजिए।" लेकिन ड्यूटी पर तैनात जवानों ने प्रशासनिक कड़ाई का हवाला देते हुए हाथ खड़े कर दिए।

उन्होंने साफ कहा कि आलाधिकारियों के सख्त आदेश हैं, अब किसी भी कीमत पर गाड़ी पार नहीं होगी। लाचार पिता को अंततः मुंगेर होकर 160 किलोमीटर अतिरिक्त चक्कर काटने के लिए मजबूर होना पड़ा। ऐसी ही बेबसी वहां रुके कई अन्य मुसाफिरों के चेहरों पर भी तैर रही थी।

भारी मशीनें तैनात

उधर, पुनर्स्थापन कार्य को लेकर पोकलेन, हाइड्रा और भारी क्रेन जैसी मशीनें रात आठ बजे ही पहुंच पथ पर पहुंच चुकी थीं। रात 12:15 बजे कार्यस्थल तक इन मशीनों को पहुंचाने के लिए बैरिकेड को कुछ देर के लिए हटाया गया। पुल निर्माण निगम के अनुसार, बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) की तकनीकी टीम गुरुवार सुबह से बेली ब्रिज को हटाने के जटिल ऑपरेशन में पूरी ताकत से जुट जाएगी।

छठ और दुर्गा पूजा का दर्द छलका

दूसरी तरफ, रात के सन्नाटे में सेतु पर खड़े आम नागरिकों और वाहन चालकों का आक्रोश भी सामने आया। बरारी निवासी छोटू कुमार और आशीष कुमार ने मायूस लहजे में कहा कि पुल बंद होने से इस बार वे प्रसिद्ध तेतरी दुर्गा मेला नहीं घूम पाएंगे और जो लोग नवगछिया जाकर छठ महापर्व मनाते थे, उनके सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

चौसा (मधेपुरा) के देवू भगत और जगतपुर (नवगछिया) के पिकअप चालक मुकेश कुमार ने तल्ख लहजे में कहा कि प्रशासन को यह काम छठ पूजा के बाद शुरू करना चाहिए था। अब भागलपुर आने के लिए मुंगेर के रास्ते 160 किलोमीटर का फेरा लगाना पड़ेगा, जिससे डीजल का भारी खर्च और समय दोनों बर्बाद होंगे।

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