भागलपुर [जेएनएन]। बीएन मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के कुलपति डॉ. अवध किशोर राय (डॉ. एके राय) को तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के कुलपति का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। प्रो. राय मंगलवार को योगदान देंगे।

कुलाधिपति के आदेश से प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने अधिसूचना जारी की है। वे मधेपुरा के साथ भागलपुर में भी कुलपति पद की जिम्मेदारी निभाएंगे। वे अगले आदेश तक दोनों स्थानों पर पद पर बने रहेंगे। इसके पूर्व, राजभवन ने डॉ. विभाष चंद्र झा के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है।

मूल रूप से भागलपुर जिले के रहने वाले प्रो. राय भागलपुर में प्रतिकुलपति रह चुके हैं। वे इस पद पर वर्ष 2014 से 2017 तक रहे थे। मालूम हो कि डॉ. राय ने 29 मई, 2017 को बीएनएमयू के कुलपति का पदभार ग्रहण किया था। यह पहला अवसर है, जब भागलपुर विश्वविद्यालय में पढ़े, शिक्षक बने और प्रति कुलपति रहे प्रो. राय को कुलपति का प्रभार दिया गया है। उन्होंने जर्मनी, इंडोनेशिया, श्रीलंका आदि देशों की यात्राएं की हैं। वे बायोइन्फार्मेटिक्स विभाग के डायरेक्टर भी रह चुके हैं। डॉ. राय की शिक्षक के रूप में काफी ख्याति रही है। बीएससी, एमएससी पीएचडी की डिग्री तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर से प्राप्त की है। स्नातकोत्तर वनस्पति विज्ञान विभाग लगभग में 40 वर्षों से शिक्षण एवं शोध से जुड़े हुए हैं। उन्होंने लगभग 150 शोध आलेख, दो दर्जन रिव्यू आर्टकिल और एक दर्जन से अधिक किताबें लिखी हैं। इनके मार्गदर्शन में 35 विद्यार्थियों ने पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है।

कई सम्मान प्राप्त कर चुके है डॉ. राय

डॉ. राय को वर्ष 2017 में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने प्रतिष्ठित इमरेट्स फेलोशिप देकर सम्मानित किया। इसके पूर्व इन्हें प्रोफेसर वाई. एस. मूर्ति गोल्ड मेडल (इंडियन बॉटनिकल सोसाइटी, 1989), जीरसानिधि लेक्चर अवार्ड (इंडियन पायथोपेथो सोसाइटी, 2002), वेस्ट टीचर अवार्ड (तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर 2009), प्रोफेसर एस आर बोस मेमोरियल लेक्चर अवार्ड, इ जे बटलर मेमोरियल अवार्ड (आईएमएस, कोलकाता 2009) भी मिल चुका है। ओआईयूसीएम, श्रीलंका ने इन्हें नवंबर 1997 में डी एससी की उपाधि दी है। वे शैक्षणिक कार्य के दौरान अन्‍य कई देश भी जा चुके हैं।

सोनवर्षा बिहपुर के रहने वाले है डॉ. राय

डॉ. राय का जन्म एक जनवरी 1950 को सोनवर्षा, बिहपुर (भागलपुर) के एक मध्यवर्गीय परिवार में हुआ था। इनके पिता रामस्वरूप राय एक किसान और माता चंदा देवी धार्मिक महिला थीं। उन्होंने अपनी मेहनत, लगन एवं प्रतिबद्धता के बल पर यह मुकाम हासिल किया है।

Posted By: Dilip Shukla

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