जागरण संवाददाता, भागलपुर। भगवान श्रीराम पर पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी की टिप्पणी से आहत विश्व हिंदू परिषद ने कहा है कि उन्होंने अपने क्षुद्र राजनैतिक हित साधने के लिए न सिर्फ रामभक्तों का अपितु, देश के संविधान, सर्वोच्च न्यायालय, हिंदू समाज व महर्षि वाल्मीकि का भी घोर अपमान किया है। विहिप के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने शनिवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ऐसे अनर्गल प्रलाप से पूर्व उन्हें कम से कम भारत के संविधान के प्रारंभिक पृष्ठों पर छपे भगवान श्रीराम के चित्र, राम जन्मभूमि के संबंध में दिए गए सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय, वाल्मीकि रामायण तथा बिहार-झारखंड के वनवासी समाज की आस्था का तो ध्यान रखा होता। उन्होंने कहा कि आज कल कुछ लोग स्वयं को वंचित समुदाय के मसीहा बताने की जुगत में हैं, किन्तु समुदाय पर जब इस्लामिक जिहादियों व कपटी चर्च के हमले होते हैं तब इनके मुंह में दही जम जाती है?

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री को अपनी जुबान खोलने से पूर्व कम से कम यह तो सोचना चाहिए था कि वो भगवान श्री राम के 14 वर्ष के साथी वनवासी-गिरिवासी बंधु-भगिनियों के साथ महॢष वाल्मीकि, भक्त निषादराज व माता शबरी का भी घोर अपमान कर रहे हैं। साथ ही रामराज्य की कल्पना करने वाले महात्मा गांघी, डा. राम मनोहर लोहिया के साथ उन करोड़ों राम भक्तों का भी अपमान किया है, जिन्होंने इसी वर्ष श्रद्धा व समर्पण भाव से राम जन्मभूमि मंदिर के लिए निधि समॢपत की। राम मंदिर के विषय में बताते हुए उन्होंने कहा कि 2023 तक प्रभु श्री राम अयोध्या में अपने मंदिर के गर्भ गृह में विराजमान हो जाएंगे। मंदिर निर्माण को लेकर नींव का काम लगभग पूरा हो गया है। पत्थर के राफ्टिंग का काम अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा। तीन महीने में भगवान राम का दर्शन लोग करने लगेंगे। यह देश का पहला तीर्थस्थल बनने जा रहा है। राम मंदिर निर्माण के लिए पांच लाख 34 हजार गांव से 12 लाख 77 हजार लोगों ने मदद की है।

बिहार में बढ़ती लव जिहाद, सीमांचल के क्षेत्रों में इस्लामिक घुसपैठ और ईसाई मिशनरियों द्वारा धर्मांतरण के विषय पर उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि हम इन समस्याओं के निवारण के लिए विस्तृत योजना बनाकर इसका समाधान करेंगे। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि विश्व हिंदू परिषद अपने सेवा कार्य (स्वास्थ्य सेवा, कौशल विकास, शिक्षा आदि) के माध्यम से वंचित समाज के भाइयों का विकास करने के लिए कटिबद्ध है। इस मौके पर केंद्रीय प्रन्यासी सह क्षेत्रीय सेवा प्रमुख हंसराज जैन, क्षेत्रीय मंत्री (बिहार-झारखंड) वीरेंद्र विमल, प्रांत सह मंत्री पारस शर्मा मौजूद थे।

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Edited By: Dilip Kumar Shukla