संवाद सहयोगी, सहरसा।  विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष पद्मश्री डा. आरएन सिंह ने कहा कि 2022 के दिसंबर तक हर हाल में अयोध्या के नवनिर्मित मंंदिर के गर्भगृह में स्थापित होंगे। इसके लिए जोर- शोर से तैयारी चल रही है। उन्होंने शनिवार को अपने गृह जिला सहरसा में अपने अभिनंदन समारोह के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए उक्त बातें कही। कहा कि वह स्थल राममंदिर ही नहीं रामतीर्थ स्थल बनेगा, जो विश्व के ङ्क्षहदू का एक प्रतीक स्थल होगा। अन्य कार्य करे पूरा करने में समय लगेगा।

इसके लिए देश ही नहीं पूरी दुनिया से हिंंंदू धर्म के लोग मुक्तहस्त से सहयोग कर रहे हैं। विहिप अध्यक्ष ने कहा कि अभी मंदिर के लिए 70 एकड़ जमीन उपलब्ध है, इसे 108 एकड़ करने के लिए जमीन खरीद की प्रक्रिया चल रही है। वर्तमान समय में एक लाख 20 हजार वर्गफीट में 45 फीट नीचे तक गर्भगृह का कार्य हो चुका है। कहा कि कार्य की जल्दीबाजी के कारण आईआईटी खडग़पुर व अन्य विशेषज्ञों की देखरेख में हमलोग इस कार्य को करवा रहे हैं। आडिटोरियम, सीता रसोई समेत अन्य कार्य चलता रहेगा, परंतु रामलला को अगले वर्ष गर्भगृह में स्थापित किए जाने की तैयारी चल रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार मठ मंदिरों का पैसा जब्त कर लेती है, जबकि मस्जिद- मदरसों की आमदनी को जब्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए हमलोग चार हजार मठ मंदिरों को मुक्त कराने का अभियान चला रहे है। हमलोग चाहते है कि उससे मंदिर और स्थानीय नागरिकों का विकास हो। उन्होंने धर्मांतरण रोकने और गोहत्या रोकने के लिए सख्त कानून बनाने पर बल दिया। कहा कि अभी हमारे विचारधारा की सरकार है। उम्मीद है कि इस कार्य पर ध्यान दिया जाएगा। मौके पर पूर्व विधान पार्षद सह प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर चौपाल, प्रदेश अध्यक्ष, कृष्णदेव झा व जिलाध्यक्ष डा. जितेंद्र ङ्क्षसह मौजूद रहे।

 

Edited By: Abhishek Kumar