जागरण टीम, मुंगेर: भारतीय रेलवे के एक इलेक्ट्रिक इंजन के लिए आज का दिन बेहद अनलकी रहा। जहां पहली दफा मालगाड़ी को भागलपुर ले जाने के क्रम में वो मुंगेर के जमालपुर में डिरेल हो गया। वहीं उसकी मरम्मती के लिए जब जमालपुर ले जाया जाने लगा तो शंटिंग लाइन क्रास करते ही फिर से इंजन बेपटरी हो गया। इंजन की खराबी कहे या उसकी बदकिस्मती कि वो एक दिन में दो बार बेपटरी हो गया। 

पहली दफा भागलपुर की तरफ जा रही मालगाड़ी के इंजन का एक चक्का पटरी से उतर गया और संयोग से बढ़िया था कि मालगाड़ी के सभी वैगन पटरी पर सही सलामत रहे। इसके बाद रेल कर्मियों ने उस रेल इंजन को हटा दूसरे इलेक्ट्रिक इंजन को जोड़कर मालगाड़ी को भागलपुर की तरफ हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इधर शंटिंग लाइन से डिरेल इंजन को जमालपुर लाने की योजना बनाई गई। जैसे ही इंजन शंटिंग लाइन पार किया, वो फिर से बेपटरी हो गया। इसके बाद सभी को आश्चर्य हुआ। वहीं, मौके पर मौजूद रेलकर्मियों ने कहा कि इंजन में तकनीकी खामी आ गई है।

रेलकर्मियों और इंजीनियर्स की मानें तो इंजन पहली बार जब बेपटरी हुआ तो हो ना हो उसके चक्के में कोई बड़ा फाल्ट आ गया है। इसी के चलते इंजन दूसरी बार बेपटरी हो गया है। हालांकि, अफरातफरी के माहौल के बीच इंजन को किसी तरह रिपेयरिंग के लिए भेजा गया।

घंटों बाधित रहा परिचालन 

  • जमालपुर रेलवे सुरंग समीप किलोमीटर संख्या 357 के समीप बेपटरी हुए इंजन से जहां अफरा-तफरी का माहौल सेक्शन पर देखा गया।
  • आधा दर्जन से ऊपर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह ठप रहने से रेलवे ने तुरंत घटना की जांच करने का आदेश जारी कर दिया।
  • इंजन के बेपटरी होने की खबर एवं परिचालन बारिश होने की सूचना जैसे ही मालदा मंडल पहुंचा तो एडीआरएम अपनी टीम के साथ घटनास्थल का जायजा लेने को लेकर मालदा से जमालपुर के लिए रवाना हुए।
  • इधर रेलवे सुरंग समीप अहले सुबह 4:45 बजे बे पटरी हुए इंजन को पटरी पर चढ़ाने को लेकर की एआरटी यान को घटनास्थल पर पहुंचाया गया
  • जहां टीआई दिलीप कुमार के नेतृत्व में हाइड्रोलिक जैक के सहारे इंजन के पहिए को पटरी पर 4 घंटे कड़ी मशक्कत के बाद 9:16 में चढ़ाया गया।

Edited By: Shivam Bajpai