भागलपुर : जेएलएनएमसीएच में संसाधनों के नाम पर लाखों राशि खर्च किया है वहीं विभाग में जर्जर बेडों पर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। यह स्थिति इमरजेंसी के शिशु विभाग की है। बेड पर चादर भी नहीं बिछाई गई है। इनडोर के गायनी विभाग में भी कई बेड जर्जर हैं।

स्थिति यह है कि महीनों से बेड जर्जर है। लेकिन न तो इसकी चिंता राउंड करने वाले चिकित्सकों की है और न ही नर्सो को। इससे चिकित्सकों एवं नर्सो की असंवेदनशीलता का भी पता चलता है। उसी कमरा के एक हिस्से में वार्मर रूम भी है, जो अभी बंद है। जब वार्मर खराब हुआ था तो अस्पताल प्रशासन के अधिकारी भी वार्मर रूम देखने आए थे लेकिन उनकी नजर भी जर्जर बेड पर नहीं पड़ी। हद तो यह है कि बिना चादर के बेड पर मरीज को रखा गया है। जबकि इमरजेंसी के बरामदे में कई गद्दे भी रखे हुए हैं। गद्दा को भी जर्जर बेड पर बिछाया जा सकता था। हालांकि इमरजेंसी में जब बेड से ज्यादा मरीजों की संख्या हो जाती है तब बरामदा में रखे गद्दे पर मरीजों का इलाज किया जाता है। यही स्थिति इनडोर स्थिति गायनी विभाग की भी है। कई बेड जर्जर है। उन बेडों पर प्रसूताओं को रखा जाता है।

Posted By: Jagran

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