'ट्रैक्टर वाली मैडम' : भागलपुर में बाढ़ पीड़ितों की मदद को निकलीं शाहकुंड CO डॉ. हर्षा कोमल, बोलीं- सेवा ही प्राथमिकता
Shahkund Flood Relief Bhagalpur: शाहकुंड की अंचलाधिकारी डॉ. हर्षा कोमल बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए खुद ट्रैक्टर ...और पढ़ें

Shahkund Flood Relief Bhagalpur: शाहकुंड में बाढ़ पीड़ितों की मदद को ट्रैक्टर पर सवार होकर निकलीं सीओ डॉ. हर्षा कोमल, ग्रामीणों ने नाम दिया 'ट्रैक्टर वाली मैडम'
HighLights
सीओ डॉ. हर्षा कोमल ट्रैक्टर से बाढ़ पीड़ितों तक राहत पहुंचा रहीं।
ग्रामीणों ने प्यार से उन्हें 'ट्रैक्टर वाली मैडम' नाम दिया।
30 हजार प्रभावित आबादी के लिए 10 सामुदायिक किचन संचालित।
संवाद सूत्र, शाहकुंड (भागलपुर)। Shahkund Flood Relief Bhagalpur: जब सैलाब रास्ते निगल जाता है और गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट जाता है, तब जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। इस विषम परिस्थिति में शाहकुंड की अंचलाधिकारी (सीओ) डॉ. हर्षा कोमल ने जिस दिलेरी और संवेदनशीलता के साथ मोर्चा संभाला है, वह पूरे जिले में चर्चा और प्रशंसा का केंद्र बन गया है।
कमर तक पानी से घिरी सड़कों और गलियों की परवाह किए बिना सीओ खुद ट्रैक्टर पर सवार होकर राहत सामग्री लेकर बाढ़ पीड़ितों के दरवाजे तक पहुंच रही हैं। प्रशासनिक अफसर की इस जमीनी सक्रियता से मुरीद होकर स्थानीय ग्रामीणों ने उन्हें प्यार से 'ट्रैक्टर वाली मैडम' पुकारना शुरू कर दिया है।
-1789105329739.webp)
भागलपुर के शाहकुंड प्रखंड की छह पंचायतों में बाढ़ से 30 हजार आबादी प्रभावित, सड़कें डूबने से गांवों का संपर्क टूटा
शाहकुंड अंचलाधिकारी (सीओ) डॉ. हर्षा कोमल खुद ट्रैक्टर पर सवार होकर राहत सामग्री लोड कराकर पहुंच रहीं बाढ़ प्रभावित इलाकों में
बाढ़ के पानी में पैदल उतरकर सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं, लोगों ने प्यार से नाम दिया 'ट्रैक्टर वाली मैडम'
प्रभावित इलाकों में 10 सामुदायिक किचन और पंचायतों में स्वास्थ्य शिविर संचालित, पचरुखी में 24 घंटे डॉक्टर तैनात
-1789105408345.webp)
शाहकुंड प्रखंड में बाढ़ के पानी का फैलाव तेजी से हुआ है। प्रखंड की बेल्थु, मकंदपुर, पैरडुमनियामाल और खुलनी पंचायतें जहां पूरी तरह बाढ़ के पानी में घिर चुकी हैं, वहीं दरियापुर पंचायत के दो गांव चंद्रभानपुर व सरौख तथा खैरा पंचायत का जमालपुर गांव भी सैलाब की चपेट में है।
-1789105671284.webp)
मुख्य सड़कें पूरी तरह जलमग्न होने की वजह से सामान्य चारपहिया वाहनों से राहत सामग्री पहुंचाना असंभव हो गया था। ऐसे विकट हालात में सीओ डॉ. हर्षा कोमल ने दफ्तर में बैठकर निर्देश देने के बजाय खुद फील्ड में उतरने का फैसला किया।
-1789105488830.webp)
ट्रैक्टर पर लोड कराई राहत सामग्री, पानी में पैदल चलकर बांटी मदद
जिला प्रशासन द्वारा आवंटित राहत सामग्री, पॉलीथिन शीट्स और सूखा राशन सीधे ट्रैक्टर पर लोड कराया जा रहा है। इसके बाद सीओ स्वयं ट्रैक्टर पर आगे बैठकर जलमग्न टोले-मुहल्लों तक पहुंच रही हैं। कई जगहों पर जब ट्रैक्टर का आगे बढ़ना भी मुश्किल हुआ, तो वह खुद पानी में पैदल उतरकर जरूरतमंदों तक राहत सामग्री पहुंचाने लगीं।
-1789105520394.webp)
जैसे ही ट्रैक्टर गांव की सीमा में प्रवेश करता है, बच्चे और बुजुर्ग "ट्रैक्टर वाली मैडम आ गईं" कहकर उनका स्वागत करते हैं। गुरुवार को सीओ ने खुलनी, मुंजत, बालाचौकी, लौगांय, पैरडुमनियामाल, मिल्की, गोरियासी, जानीपुर आदि गांवों का सघन दौरा कर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और त्वरित निदान के निर्देश दिए। इससे पूर्व बुधवार को उन्होंने बेल्थु पंचायत के मंझो गांव का जायजा लिया था। इस दौरान उन्होंने पचरुखी स्थित सामुदायिक किचन में आम लोगों के साथ बैठकर भोजन की गुणवत्ता भी जांची।
-1789105563963.webp)
30 हजार आबादी प्रभावित, 10 सामुदायिक किचन और हेल्थ कैंप सक्रिय
सीओ डॉ. हर्षा कोमल ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि प्रखंड की छह पंचायतों के विभिन्न गांवों को मिलाकर करीब 30 हजार की आबादी बाढ़ से सीधे तौर पर प्रभावित हुई है। पीड़ितों को भुखमरी और जलजनित बीमारियों से बचाने के लिए प्रशासन युद्धस्तर पर जुटा हुआ है।
-1789105613050.webp)
सीओ डॉ. हर्षा कोमल ने बताया कि वर्तमान में प्रभावित क्षेत्रों में 10 सामुदायिक किचन (कम्युनिटी किचन) सुचारू रूप से संचालित किए जा रहे हैं, जहां पीड़ितों को दोनों वक्त शुद्ध भोजन दिया जा रहा है। इसके अलावा सभी प्रभावित पंचायतों में एक-एक स्वास्थ्य शिविर स्थापित किया गया है। जयप्रकाश मध्य विद्यालय, पचरुखी में 24 घंटे संचालित होने वाला विशेष स्वास्थ्य कैंप बनाया गया है, जहां चौबीसों घंटे चिकित्सक और दवाइयां उपलब्ध हैं। राहत वितरण के दौरान बेल्थु पंचायत के मुखिया विश्वनाथ महतो और नवजागरण संकल्प समिति के अध्यक्ष पंकज कुमार सिंह भी मौजूद रहे।
