जागरण संवाददाता, भागलपुर। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) के लालबाग स्थित आवासीय परिसर में काम करने वाली नौकरानियों और ड्राइवरों का पुलिस वेरिफिकेशन होगा। यदि कोई शिक्षक अपने यहां अलग से माली या अन्य काम करने वाले लोगों से काम करवा रहे हैं तो इसकी जानकारी भी टीएमबीयू को देनी होगी। यह व्यवस्था टीएमबीयू प्रशासन दुर्गा पूजा का अवकाश खत्म होने के बाद शुरू करने की तैयारी कर रही है।

लालबाग में नौ अक्टूबर को पीजी इतिहास की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. राधिक मिश्रा से रात को लूट की घटना के बाद टीएमबीयू प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर प्रयास शुरू किया है। इसके लिए कुलपति प्रो. हनुमान प्रसाद पांडेय ने कुलसचिव डा. निरंजन प्रसाद यादव समेत अन्य अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। कुलपति ने भी कहा है कि शिक्षकों की सुरक्षा बड़ा मुद्दा है। अवकाश खत्म होने के बाद वे जब टीएमबीयू आएंगे तो शिक्षकों से सुरक्षा के मुद्दे पर बातचीत कर सुझाव भी मांगेंगे।

कुलसचिव ने कहा कि कुछ शिक्षकों ने सुझाव दिया है कि पहले तो परिसर के विभिन्न शिक्षकों के क्वार्टर में कितने लोग काम करते हैं, कितने ड्राइवर काम करते हैं या कितने काम करने वाले लोगों का आंकड़ा तैयार किया जाएगा। इसके बाद उनका पहचान पत्र पूरे नाम और पते के साथ लिया जाए। जिसकी एक कापी स्थानीय पुलिस चौकी को भेजी जाएगी। जबकि एक कापी विश्वविद्यालय के संबंधित विभाग के पास रहेगी। पहले चरण में इस तरह के सुझावों पर अमल होगा।

लालबाग परिसर में रहने लालबाग विकास परिषद के पूर्व अध्यक्ष डा. योगेंद्र ने घटना के दूसरे दिन ही अपनी मांगे रख दी है। उन्होंने कहा है कि शिक्षकों के सुरक्षा के मुद्दे पर किसी तरह का समझौता नहीं होगा। परिसर में शिक्षक परिवार के अलावा काफी संख्या में छात्राएं भी हास्टल में रहती हैं। उनकी सुरक्षा का भी सवाल है। अब विश्वविद्यालय का अवकाश खत्म होते ही वे लोग कुलपति से भी सुरक्षा के मुद्दे पर मिलेंगे ओर मांगों को पूरा करने का आग्रह करेंगे। जिससे लालाबाग में रहने वाले लोगों को भय मुक्त वातावरण मिले।

Edited By: Dilip Kumar Shukla