जागरण संवाददाता, भागलपुर। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) ने अपने सभी पीजी विभागाध्यक्षों, अंगीभूत और संबद्ध कालेजों से चार सत्रों में छात्राएं, एससी, एसटी छात्रों से वसूली गई राशि छात्र-छात्राओं को लौटाने की तैयारी हो रही है। इस कारण टीएमबीयू में इन राशि के सभी आंगीभूत व पीजी इकाइयों से जानकारी मांगी है।

यह जानकारी सामान्य विषयों में नामांकन को लेकर मांगी गई है। कुलसचिव डा. निरंजन प्रसाद यादव ने इसके लिए सभी कालेजों और पीजी विभागों को पत्र जारी किया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई भी संस्थान गलत जानकारी देता है, तो उनके उपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पत्र जारी करने का उद्देश्य राशि का आकलन करना है। जिससे सरकार उतनी राशि भेज सके।

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जिसमें कहा गया है कि (सत्र : 2016-17), (सत्र : 2017-18), (सत्र : 2018-19), (सत्र : 2019-20) में वसूली गए शुल्क की प्रतिपूर्ति सरकार द्वारा होनी है। इसके लिए राशि का आकलन जरूरी है। सरकार ने इन सत्रों में उक्त छात्रों को स्नातक और इससे उपर के की कक्षाओं में सभी तरह का शुल्क माफ किया था। इस लेकर ही वसूली गई राशि की प्रतिपूर्ति सरकार स्तर से होगी। सरकार ने इसके लिए पहले भी विश्वविद्यालयों को पत्र भेजा था।

कुलसचिव ने सभी से अनुरोध किया है कि उक्त शैक्षणिक सत्रों के लिए इस मद में क्षतिपूर्ति योग्य राशि से संबंधित मांग पत्र हार्ड कापी एक्सेल एवं साफ्ट कापी में रिकार्ड विवि में जमा करना है। पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि समय पर रिपोर्ट देने की स्थिति में संबंधित संस्थान के हेड पर ही सारी जवाबदेही होगी। इसके लिए कुलसचिव कार्यालय से कालेज और विभागों को फार्मेट भेजा गया है। सरकार ने इसके लिए टीएमबीयू को पत्र जारी कर कड़े निर्देश दिए थे।

Edited By: Shivam Bajpai