संवाद सूत्र, हेमजापुर (मुंगेर)। पिछले 48 घंटे में गंगा का जलस्तर 20 सेंटीमीटर बढ़ा है। जलस्तर बढऩे से तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोग बाढ़ की आशंका से ङ्क्षचतित होने लगे हैं। गंगा का जलस्तर हेमजापुर पंचायत के कई गांवों के करीब पहुंच गया है। ग्रामीणों का डर है कि जलस्ततर में इसी तरह इजाफा होता रहा तो काफी समस्साएं बढ़ जाएगी। 39.33 मीटर पानी खतरे का निशान है, अभी गंगा का जलस्तर 36.44 मीटर पहुंचा है।जलस्तर बढऩे से मछुआरों और पशुपालकों को काफी परेशानी हो रही है।

चांद टोला गांव के किसानों ने बताया की दियारा क्षेत्र में लगी परवल, नेनुआ, ङ्क्षभडी की फसलं लगभग डूब गई है। जलस्तर बढ़ता रहा तो जो खेत बचे हुए हैं वह भी डूब जाएगा। ऐसे में सब्जियों की खेती पूरी तरह से प्रभावित हो जाएगी। किसान रामअवतार महतो, ङ्क्षसधु महतो, महेंद्र महतो ने बताया की जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो उऊंचे जगहों पर जाने के लिए विवश होना पड़ेगा। इधर धरहरा प्रखंड के अंचलाधिकारी पूजा कुमारी ने बताया कि गंगा का जलस्तर पर प्रशासन की पूरी नजर है। पुलिस और प्रखंड के कर्मियों को लगातार जायजा लेने के लिए कहा गया है।

प्वाइंटर्स

-39.33 मीटर है खतरे का निशान

-36.44 मीटर पहुंचा जलस्तर

-01 सेमी हर घंटे बढऩे का बताया जा रहा संभावना

अभी और जलस्तर बढऩे की संभावना

केंद्रीय जल आयोग ने गंगा का जलस्तर हर घंटे एक सेंटीमीटर बढऩे की संभावना जताई है। ऐसे में खतरे के निशान को पार करने में ज्यादा समय नहीं लगेग और तीन से चार दिनों में गंगा किनारे स्थित इलाकों के लोगों की परेशानी काफी बढ़ जाएगी। निचले इलाके में बाढ़ का पानी प्रवेश होने की खतरा रहेगा। जलस्तर बढऩे से पशुपालकों को चारा के लिए परेशान होना पड़ रहा है।

इन प्रखंडों पर खतरा

जिले के धरहरा प्रखंड के हेमजापुर, सदर प्रखंड का दियारा इलाका, बरियापुर प्रखंड के कई गांव और कई टोले गंगा किनारे बसा है। यहां रह रहे हजारों की आबादी को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

 

Edited By: Abhishek Kumar