संवाद सहयोगी, किशनगंज। भारत के हल्दीबाड़ी से स्टोन चिप्स लेकर पहली बार नए रूट पर मालगाड़ी बांग्लादेश के चिलाहाटी के लिए रवाना हो गई। बीएसएफ अधिकारी और जवानों के कड़ी निगरानी के बीच मालगाड़ी को बांग्लादेश के लिए रवाना किया गया। बीएसएफ अधिकारियों के द्वारा ट्रेन के चालक व गार्ड को पुष्प बुके प्रदान कर सफल यात्रा की कामना की गयी। हल्दीबाड़ी चिलाहाटी के बीच रविवार को ट्रेन परिचालन के प्रारंभ होने से जहां दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा मिलेगा

वहीं भविष्य में यात्री परिवहन की संभावना भी प्रबल हो गई है। यह रेल मार्ग पश्चिम बंगाल, असम, नेपाल तथा भुटान से बांग्लादेश के लिए सामाग्रीयों के परिवहन के लिए संक्षिप्त मार्ग प्रदान करेगा। क्षेत्रीय व्यापार के विकास में सहायता प्रदान करने तथा क्षेत्र के आर्थिक तथा सामाजिक विकास में बढ़ावा देने के लिए यह रेल मार्ग मुख्य बंदरगाहों तथा भू-सीमाओं तक रेल नेटवर्क के पहुंच में सहयोग करेगा। इस नये रेल मार्ग से दक्षिण एशिायाई देशों के साथ व्यापार तथा आर्थिक क्रियाकलाप में भी सहयोग मिलेगा।

बताते चलें कि भारत तथा तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान के बीच हल्दीबाड़ी-चिलाहाटी रेल मार्ग वर्ष 1965 तक सुचारू रूप से ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा था। बटवारे के दौरान कोलकता से सिलिगुड़ी तक यह ब्रॉड गेज रेल मार्ग मुख्य मार्ग का हिस्सा था। बंटवारे के बाद भी असम और उत्तर बंगाल तक रेल यात्रा के लिए तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान के क्षेत्र से गुजरना पड़ता था। 1965 के युद्ध के बाद भारत तथा तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान के बीच सभी रेल मार्ग बंद कर दिये गये थे।

वर्ष 2016 -2017 में भारतीय रेल के द्वारा चिलाहाटी बांग्लादेश के साथ संपर्क स्थापित करने के लिए हल्दीबाड़ी स्टेशन भारत से बांग्लादेश की सीमा तक नई ब्रॉड गेज रेल लाईन के निर्माण की अनुमति प्रदान की गई थी। प्रधानमंत्री स्तर के द्विपक्षीय सम्मेलन के दौरान दोनो देशों के प्रधानमंत्रियों ने गत 17 दिसंबर 2020 को हल्दीबाड़ी-चिलाहाटी रेल मार्ग का उद्घाटन किया था। हालांकि कोरोना महामारी के कारण इस रेल मार्ग पर नियमित रेल सेवा आरंभ नहीं की जा सकी।

Edited By: Shivam Bajpai