बांका [जेएनएन]। आफत की बारिश बांका में सोमवार से रूक गई है। इससे लोगों ने राहत की सांस ली है। दोपहर बाद कुछ देर के लिए थोड़ी बारिश हुई। इसे छोड़ दिन भर आसमान में केवल बादल छाया रहा। शाम तीन बजे के बाद बांका में कुछ देर के लिए धूप भी खिली। छह दिनों के बाद सूर्यदेव का दर्शन पाकर लोगों ने राहत की सांस ली। इसके साथ ही बाजार में चहल-पहल बढ़ गई। बाजार में हर तरफ दशहरा की खरीदारी के लिए दुकानों पर भीड़ दिखी। मंगलवार को सुबह हल्‍की बारिश हुई, लेकिन उसके बाद से मौसम साफ है।

चांदन डैम से रविवार देर रात बाद ही कुछ पानी स्पील वे से नीचे उतरने लगा था। यह तीन फीट कुछ इंच तक गया। दोपहर बाद इसकी गति भी लगातार कम होती गई। देर शाम में इससे बस कुछ इंच पानी ही स्पील वे से उतर रहा है। बारिश के बाद सोमवार को चांदन नदी भी खाली हो गया है। इसकी धारा सिमट गई है। बाढ़ का खतरा जिला से पूरी तरह टल गया है। कुरार, कधार, गेरुआ, सुखनिया, चीर, ओढऩी नदियों के रास्ते बारिश का अधिकांश पानी भी जिला से बाहर निकल गया है। हां, शहरी इलाकों में जरूर बारिश का पानी फंसा है। जिस कारण लोगों को अभी त्योहार तक परेशानी का सामना करना पड़ेगा। कई गांव और बहियार में भी बारिश का पानी फंसा हुआ है। जिससे धान की फसल को नुकसान का अनुमान है। किसान इसकी निकासी के उपाय में जुटे हैं। सितंबर की इस बारिश ने एक साथ कई रिकार्ड तोड़ दिया है। एक दिन में सर्वाधिक 106 मिमी पानी के साथ पिछले छह दिनों में 276 मिमी के करीब पानी बरसा है। इसके साथ ही सितंबर की बारिश का आंकड़ा 350 मिमी पार कर गया है। यह इस साल जून, जुलाई और अगस्त में हुई बारिश से अधिक है। तीनों महीनों में अबकी सामान्य से कम बारिश हुई थी। लेकिन, सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश हो गई।

पिछले छह दिनों का वास्तविक वर्षापात

30 सितंबर-45.5 मिमी

29 सितंबर-105.9 मिमी

28 सितंबर-51.8 मिमी

27 सितंबर-14 मिमी

26 सितंबर-18.78 मिमी

25 सितंबर-42.78 मिमी

Posted By: Dilip Shukla

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