भागलपुर [जेएनएन]। सुल्तानगंज से देवघर तक करीब 105 किलोमीटर लंबे श्रावणी मेले को राष्ट्रीय मेला का दर्जा देने की मांग संसद में रखी गई। भागलपुर निवासी राज्‍यसभा सांसद कहकशां परवीन ने राज्यसभा में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि सुल्तानगंज से देवघर तक का करीब 105 किलोमीटर का लंबा मेला दुनिया का सबसे बड़ा मेला है।

यह एक माह तक अनवरत चलता रहता है और हिंदू श्रद्धालु सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल लेकर बाबा भोले की नगरी देवघर की ओर प्रस्थान करते हैं। श्रद्धालु भादो में भी कांवर लेकर सुल्तानगंज से देवघर जाते हैं। इस मेले के सामाजिक-सांस्कृतिक सरोकार को देखते हुए इसे राष्ट्रीय मेले का दर्जा देने की आवश्यकता है।

उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (अमेंडमेंट) बिल 2019 का समर्थन करते हुए बिहार में भी एक संस्था खोले जाने की मांग की। कहकशां ने कहा कि बिहार तो डिजाइनिंग के लिए मशहूर है, वैशाली की धरती ने दुनिया को लोकतंत्र की डिजाइन बनाकर दी। यह राज्य कला-संस्कृति में उर्वर है। उन्होंने मौर्य काल का भी उल्लेख किया। भगवान बुद्ध और सम्राट अशोक की चर्चा करते हुए कहा कि दुनिया भर के लोग उस दौर की कला-संस्कृति को देखने आते हैं। बिहार में डिजाइनिंग इंस्टीट्यूट खुलने से यहां की कला-संस्कृति का न सिर्फ विकास होगा, बल्कि युवाओं को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।

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Posted By: Dilip Shukla

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