भागलपुर। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) में छह माह का अल्प कार्यकाल रहा, किंतु यहां मिले सम्मान को आजीवन याद रखूंगी। यहां कार्य करने का अलग अनुभव रहा। कार्य में प्रत्येक अधिकारी और कर्मियों का साथ मिला। सबों की मदद से विश्वविद्यालय को पटरी पर लाने का प्रयास किया। चार संस्थानों से टीएमबीयू ने एमओयू किया।

उक्त बातें टीएमबीयू की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कही। वह गुरुवार को सीनेट हाल में अपनी विदाई समारोह पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। डा. नीलिमा का चयन डा. हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर (मध्यप्रदेश) के लिए हुआ है।

कुलपति ने कहा कि टीएमबीयू की कुलपति बनना मेरे लिए सौभाग्य की बात रही। विश्वविद्यालय की शान उसके विद्यार्थी होते हैं। उन्हें और भी सुविधाएं उपलब्ध करानी थी, कितु कई योजनाएं अधूरी रह गईं। उन्होंने कहा कि यहां से जाने के बाद भी उनका जुड़ाव टीएमबीयू से रहेगा।

कई बेहतर कार्य हुए

प्रतिकुलपति प्रो. रमेश कुमार ने कहा कि टीएमबीयू में जब अनिश्चितता का दौर चल रहा था। तभी नियमित कुलपति के रूप में प्रो. गुप्ता आईं। उन्होंने विवि को आगे ले जाने के लिए कई कार्य शुरू किए। उनका कार्यकाल कोविड का रहा, अन्यथा यहां काफी काम होता। परीक्षाओं को नियमित करने की दिशा में भी कुलपति की मानिटरिग में बेहतर कार्य हुआ।

केंद्रीय विवि के लिए चयन हर्ष की बात

इसके पूर्व कुलपति का स्वागत कुलसचिव डा. निरंजन प्रसाद यादव ने किया। उन्होंने मंच संचालन करते हुए कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए कुलपति का चयन बड़े हर्ष की बात हैं। डीएसडब्ल्यू डा. राम प्रवेश सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कि टीएमबीयू फिर से अस्थिरता के दौर में प्रवेश करने को तैयार है। कुलपति के निर्देशन में ही छात्र संघ चुनाव कराने की इच्छा थी। नामांकन कार्य खत्म होते ही प्रक्रिया शुरू करने की योजना थी, कितु यह अधूरी रह गई।

ये थे मौजूद

इस मौके पर मारवाड़ी कालेज के प्राचार्य डा. केसी झा, बीएन कालेज की प्राचार्य डा. नीलू कुमारी, सीसीडीसी डा. केएम सिंह, परीक्षा नियंत्रक डा. अरुण कुमार सिंह, डा. अशोक कुमार चौधरी, डा. संजय कुमार झा, डा. रंजना, डा. अनिरुद्ध कुमार, पीआरओ डा. दीपक कुमार दिनकर, डा. संजय कुमार जायसवाल, डा. बिहारी लाल चौधरी, डा. सुनील कुमार तिवारी, मनीष सुदर्शन, अमित आर्यन, मुरारी, संजय कुमार आदि मौजूद थे।

Edited By: Jagran