भागलपुर, जेएनएन। लैलख रेलवे स्टेशन पर अपराधियों ने दिनदहाड़े लूटपाट की और पुलिस का अता-पता नहीं था। हथियार से लैस आधा दर्जन अपराधियों ने लूटपाट का विरोध कर रहे शिवनाराणपुर निवासी वीरेंद्र कुमार यादव को चाकू घोंप दिया। अपराधियों ने तीन अन्य यात्रियों से मोबाइल भी छीन लिया। वीरेंद्र को जख्मी हालत में निजी नरसिंग होम में भर्ती कराया गया है। वे दरभंगा जिले में सिपाही हैं। इंग्लिश गांव में रिश्तेदार के यहां श्रद्धकर्म में शामिल होने के लिए रामपुरहाट-गया पैसेंजर से लैलख आ रहे थे।

दिनदहाड़े स्टेशन पर हुई इस घटना ने रेल पुलिस के तमाम दावों का पोल खोलकर रख दी। वहां तैनात पुलिस के जवान उनका सामना नहीं कर सके। रामपुरहाट-गया पैसेंजर से वीरेंद्र दोपहर करीब पौने दो बजे उतरे कि छह की संख्या में बदमाशों ने घेर लिया। उनसे सोने की चेन, नकद और अन्य सामान लूटकर चलते बने। विरोध करने पर चाकू मार दिया। इसके बाद स्टेशन पर अफरातफरी मच गई। वे जिस गांव में जा रहे थे, वहां जानकारी मिलने के बाद ग्रामीण स्टेशन पहुंचे और उन्हें निजी नर्सिग होम ले गए। हालांकि, रेल थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि ऐसी किसी घटना के बारे में जानकारी नहीं है। न ही कोई लिखित शिकायत दी गई है। इधर, घटना के बाद दो गांवों के लोगों के बीच जमकर पथराव हुआ, जिसमें ट्रैक पर विद्युतीकरण का काम कर रहे मजदूरों को चोट आई। ट्रेन की खिड़कियों के शीशे भी टूटे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इस दौरान रेल पुलिस के जवान कहीं नहीं दिखे। ट्रेन करीब 10 मिनट तक लैलख में रुकी रही।

बदमाशों पर अंकुश लगाने में रेल पुलिस हो रही विफल

रेल पुलिस की तमाम कोशिशों के बाद भी लैलख स्टेशन पर लूटपाट और छिनतई की घटनाएं कम नहीं हो रही। 48 घंटे में दूसरी वारदात हो गई। यहां दूसरी बार बदमाशों ने उपद्रव किया है। रेल पुलिस बदमाशों पर अंकुश लगाने में विफल साबित हुई। बीते दो माह में इस स्टेशन पर आधा दर्जन से ज्यादा अपराध हुए हैं। इसके बाद भी रेल पुलिस इन गिरोह से निपटने में पीछे ही रही है।

अपराध जोन बना लैलख, पांच जवान पर सुरक्षा : लैलख स्टेशन अपराध जोन बन गया है। इसके बाद भी रेल पुलिस कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। यहां सुरक्षा के नाम पर एक दारोगा और पांच जवान हैं। कम पुलिस बल होने के कारण बदमाशों का मनोबल बढ़ता ही जा रहा है। रात की बात दूर दिन में भी यात्री सुरक्षित नहीं हैं। ऐसा समङों कि ट्रेनों में पुलिसकर्मियों ने पेट्रोलिंग ही बंद कर दी है। भागलपुर से साहिबगंज के बीच सुरक्षा है ही नहीं। इसी का फायदा उठाकर लुटेरे ट्रेन में लूटपाट करते हैं। आंकड़े बताते हैं कि अब तक जितनी घटनाएं हुईं उसमें रेल पुलिस कहीं दिखी ही नहीं।

बुधवार की रात बदमाशों ने चलाई थी गोलियां : बुधवार की रात ही लैलख स्टेशन पर शराब तस्करों और बदमाशों ने रेल पुलिस पर गोलियां चलाई थीं। जान बचाने के लिए पुलिस दुबकी रही। फिर सबौर और रेल थाना से गई पुलिस ने मोर्चा संभाला। हालांकि, इस मामले में मुख्य आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया। 13 आरोपित अब भी फरार हैं। सवाल यह है कि बारबार घटनाएं होने के बाद भी रेल पुलिस कार्रवाई क्यों नहीं कर रही।

48 घंटे में दूसरी वारदात

लैलख स्टेशन पर लूटपाट और छिनतई की घटनाएं कम नहीं रहा। 48 घंटे में यह दूसरी वारदात है। बीते दो माह में इस स्टेशन पर आधा दर्जन से ज्यादा अपराध हुए हैं। इसके बाद भी रेल पुलिस इन गिरोह से निपटने में नाकाम रही है। यह स्टेशन अपराधियों का अड्डा बन गया है। यहां सुरक्षा के नाम पर एक दारोगा और पांच जवान हैं। पुलिस बल की भी कमी है। रात की बात दूर दिन में भी यात्री सुरक्षित नहीं हैं। ट्रेनों में भी गश्ती बंद ही है। भागलपुर से साहिबगंज के बीच सुरक्षा है ही नहीं। बुधवार की रात भी बदमाशों ने रेल पुलिस पर गोलियां चलाई थी। पुलिस किसी तरह जान बचाने के लिए दुबकी रही। फिर सबौर और रेल थाना से गई पुलिस ने मोर्चा संभाला।

Posted By: Dilip Shukla

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