जागरण टीम, मुंगेर: 2020 में दुर्गा पूजा के दिन हुए गोलीकांड में अनुराग पोद्दार की मौत हो गई थी। इस मामले की जांच करने के लिए आज फिर से CID की टीम पहुंची है। सीआईडी टीम के डीएसपी राकेश अस्थाना ने कोतवाली इंस्पेक्टर से मौका-ए-वारदात के बारे में जाना। वहीं पोद्दार हत्याकांड का सीन रिक्रिएशन भी किया गया। हालांकि, मीडिया से किसी भी अधिकारी ने बात करने से मना कर दिया है। मौके पर मंगलवार को रिक्रिएशन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जाएगी, ऐसी सूचना है।

दूसरी तरफ वायरल फोटो, वीडियो और कंटेंट की भी पड़ताल सीआईडी की टीम करेगी। मामला अक्टूबर 26, 2020 का है, जब दुर्गापूजा के दौरान मुंगेर में जमकर हिंसा हुई। इस हिंसा में अनुराग पोद्दार की मौत हो गई। अनुराग की मौत के बाद उनकी मां की तस्वीरें इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुईं। इन तस्वीरों में अपने बेटे के शव को लिए हुए महिला की चित्कार बयां हो रही थी। मामले ने देशभर में तूल पकड़ लिया। सुर्खियों में कई दिनों तक मामला छाया रहा। मुंगेर पुलिस पर संगीन आरोप लगे, तो वहीं पुलिस का कहना हुआ कि भीड़ में शामिल असमाजिक तत्वों ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया है। पूरे मामले में पोद्दार के स्वजनों को 10 लाख रुपए का मुआवजा मिला है।

अभी तक नहीं साफ हो सकी तस्वीर

  • दुर्गापूजा के अवसर पर प्रतिमा विसर्जन के दौरान मुंगेर में पुलिस और विसर्जन जुलूस में शामिल लोगों के बीच झड़प हो गई थी।
  • झड़प में गोली भी चली। गोली लगने से अमरनाथ पोद्दार के पुत्र अनुराग पोद्दार की मौत हो गई।
  • भगदड़ के दौरान कई लोग घायल भी हो गए थे।
  • मुंगेर की विस्फोटक स्थिति को देखते हुए बड़े पैमाने पर पुलिस बलों की तैनाती की गई थी।
  • साथ ही घटना की जांच की जिम्मेदारी मगध प्रमंडल के आयुक्त को सौंपी गई थी।
  • आयुक्त असंगमा चूबा की रिपोर्ट भी बहुत कुछ पुलिस के पक्ष में नहीं थी।
  • इस घटना के बाद मुंगेर एसपी के पद से लिपि सिंह को हटा दिया गया।
  • अनुराग के पिता एक हार्डवेयर दुकान चलाते हैं।
  • उन्होंने न्याय के लिए बिहार सरकार से गुहार लगाई।
  • मामला इंटरनेट मीडिया में काफी तूल पकड़ चुका था।
  • अब एक दफा फिर सीआईडी ने पोद्दार हत्याकांड की किताब खोली है।
  • देखना है कि इस हत्याकांड का अंतिम पन्ना कब पलटा जाता है और क्या कुछ कनक्लूजन निकलता है।

Edited By: Shivam Bajpai