जागरण संवाददाता, सुपौल। रबी महा अभियान सह महोत्सव अंतर्गत जिलास्तरीय रबी कार्यशाला सह प्रशिक्षण का आयोजन गुरुवार को जवाहर नवोदय विद्यालय सभागार में किया गया। कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण आत्मा द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का उद्घाटन जिलाधिकारी महेंद्र कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी समीर कुमार समेत अन्य विभागों के अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि इसका मकसद कृषि क्षेत्र की विकसित तकनीक को किसानों तक पहुंचाना है ताकि पैदावार को और बढ़ाया जाए और अन्नदाता को खुशहाल बनाया जा सके। कहा कि बदलते समय के साथ कृषि के क्षेत्र में भी बदलाव की जरूरत है। कार्यशाला में उपस्थित विज्ञानियों की राय और प्रतिनिधियों की जानकारी किसानों तक पहुंचे हमें यह सुनिश्चित करना होगा।

खासकर किसान सलाहकार और कृषि समन्वयकों की भूमिका इस मायने में काफी अधिक हो जाती है इसलिए कि यह दोनों कर्मी जो विशेषज्ञ और किसानों के बीच की कड़ी माने जाते हैं। कहा कि किसान कृषि कार्यों के साथ-साथ सरकार के अन्य विभागों की योजनाओं का लाभ लेकर अपनी तरक्की की राह को प्रशस्त कर सकते हैं। इस कार्यशाला का महत्व इसलिए बढ़ जाता है कि किसानी व इससे जुड़ी अन्य योजना जैसे कि पशुपालन, वन, गव्य आदि योजनाओं का लाभ लेकर खुशहाल बन सकते हैं।

कार्यशाला में कृषि विभाग के अलावा अन्य विभागों के अधिकारियों को शामिल करने का भी यही मकसद था ताकि किसान खेती के साथ-साथ इन विभागों से जुड़ी योजनाओं का लाभ उठाकर खुशहाल हो सकें। कहा कि सरकार का मकसद किसानों की स्थिति को बेहतर बनाना है। इसके लिए हम सब को भी अपने कर्तव्य के प्रति सजग रहना होगा। गत वर्ष जिले में रबी की बेहतर पैदावार हुई थी। हमें इसे और बढ़ाने की जरूरत है। जिले में खरीफ फसल अच्छी थी इससे बेहतर उत्पादन का अनुमान था परंतु पिछले दिनों आई तेज हवा के साथ-साथ बारिश से फसल को काफी क्षति हुई है।

प्रथम ²ष्टया जिले में लगभग 46 फीसद क्षति का अनुमान है। प्रावधान के मुताबिक किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। इससे पूर्व आए सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा कि हाल के दिनों में हुई बारिश के कारण खेतों की नमी बढ़ी है जिससे रबी फसल की बोआई में देरी होगी। ऐसी स्थिति में जीरो टिलेज तथा हैप्पी सीडर से बोआई काफी सहायक बन सकती है। वैसे भी अब समय आ चुका है कि किसान खेती बारी के कार्यों में मशीनों का उपयोग अधिक से अधिक करें ताकि किसानी उनके लिए फायदे का सौदा हो सके।

कहा कि यह तब संभव है जब किसानों को तकनीकी की जानकारी हो, फसलों के प्रबंधन एवं तकनीकी जानकारी को ले 29 अक्टूबर से जिले के सभी प्रखंडों में रबी कार्यशाला आयोजित की जाएगी। उसके बाद जिले की सभी पंचायतों में कृषि चौपाल का भी आयोजन किया जाएगा। डीएओ ने कहा कि जिले में जीरो टालरेंस की नीति पर फर्टिलाइजर उपलब्ध कराया जा रहा है। उर्वरक मामले में किसानों को शोषण का शिकार नहीं बनना पड़े इसके लिए विभाग न सिर्फ तत्पर है बल्कि ऐसा करने वाले दुकानदारों पर सीधी कार्रवाई करने को तैयार है। कहा कि जिले में दलहन और तेलहन फसल को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने इस बार 80 फीसद अनुदान पर बीज उपलब्ध कराने का फैसला लिया है।

एक सप्ताह के अंदर किसानों के को बीज उपलब्ध करा दिया जाएगा। कहा कि जिले में फसल अवशेष जलाने की परंपरा नहीं है बावजूद कार्यशाला एवं चौपालों में फसल अवशेष प्रबंधन को ले किसानों को जागरूक किया जाएगा ताकि इस मामले में विकसित तकनीक के माध्यम से किसान इन अवशेषों से खेत में हरी चादर हाथ बना सकें। कार्यशाला में जहां कृषि विज्ञानियों द्वारा बेहतर खेती के टिप्स बताए गए वहीं वन प्रमंडल, मत्स्य, गव्य, पशुपालन के अधिकारियों द्वारा किसानों से जुड़ी हितकारी योजनाओं के बारे में भी बताया गया।

कार्यशाला में वन प्रमंडल पदाधिकारी सुनील कुमार शरण, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी मदन नारायण ङ्क्षसह, जिला मत्स्य पदाधिकारी विमल कुमार मिश्र, जिला गव्य पदाधिकारी विजय कुमार, जिला पशुपालन पदाधिकारी डा. श्याम कांत ङ्क्षसह, कृषि विज्ञान केंद्र राघोपुर के वरीय विज्ञानी सह प्रधान ई. प्रमोद कुमार, कृषि विज्ञानी डा. मनोज कुमार, ज्ञानचंद, सहायक निदेशक पौधा संरक्षण विजय रंजन, सहायक निदेशक कृषि अभियंत्रण नवीन कुमार नवनीत, सहायक निदेशक रसायन शिवेश कुमार, सहायक कुक्कुट पदाधिकारी डा. अरुण कुमार, तकनीकी सलाहकार स्मिता कुमारी के अलावा किसान सलाहकार, किसान सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे।

 

Edited By: Abhishek Kumar