भागलपुर। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) के परीक्षा विभाग में इन दिनों लगातार छात्रों से ठगी की शिकायतें मिल रही हैं। छात्रों से बाहरी दलाल मूल प्रमाण पत्र, टेस्टिमोनियल, अंक पत्र, माइग्रेशन सर्टिफिकेट के नाम पर रुपये की ठगी कर लेते हैं। छात्रों से वसूली करने वाले लोग कुछ बाहरी लोग हैं जो विश्वविद्यालय के कुछ कर्मियों या अधिकारियों से जान पहचान बताकर छात्रों का काम कराते हैं। इसकी एवज में छात्रों से रुपये ठगते हैं। जो प्रमाण पत्र निशुल्क बनते हैं, उसे बनाने के बदले 200 सौ से पांच सौ तक की वसूली होती है। जल्दी काम कराने के लिए झांसे में आ जाते हैं छात्र परीक्षा विभाग में कर्मियों की कमी के कारण काम में मुश्किलें आती हैं। वहां दूर-दराज से छात्र आते हैं। ऐसे में उन्हें काम कराने की जल्दी होती है।

परीक्षा विभाग में अलग-अलग सर्टिफिकेट के लिए समय निर्धारित किया गया है। उस समय छात्र अपने दस्तावेज ले सकते हैं, ¨कतु वे लोग जल्दी के चक्कर में ऐसे दलालों के चक्कर में पड़ जाते हैं और आसानी से ठगी के शिकार हो जाते हैं। परीक्षा विभाग में हर दिन आने वाले कई ऐसे चेहरे हैं, जो विभाग के हर सेक्शन में जाते हैं और छात्रों पर प्रभाव जमाते हैं। इस मामले की छात्रों ने भी कई बार परीक्षा नियंत्रक डा. अरुण कुमार ¨सह को शिकायत की थी। उन्होंने छात्रों की शिकायतों संज्ञान लेकर ऐसे कुछ दलालों को हड़काया था, ¨कतु वे किसी न किसी विश्वविद्यालय अधिकारी का रिश्तेदार बताकर बच जाते हैं। दो दिन पूर्व भी परीक्षा नियंत्रक ने परीक्षा विभाग में ऐसे ही सर्टिफिकेट के नाम पर वसूली की शिकायत पर एक व्यक्ति को बुलाया था। वह भी खुद को एक अधिकारी का रिश्तेदार बताता था। परीक्षा नियंत्रक ने उसे चेतावनी देकर छोड़ा था।

किसी भी छात्र से परीक्षा विभाग में काम के बदले रुपये की मांग होती है तो बेहिचक शिकायत करें। टेस्टिमोनियल या अन्य प्रमाण पत्र के लिए शुल्क बैंक में जमा होता है। कोई भी छात्र ऐसे-वैसे लोगों को नकद रुपये न दें। - डा. अरुण कुमार ¨सह, परीक्षा नियंत्रक टीएमबीयू