By Jagran NewsEdited By: Prateek Jain
Published: Sat, 12 Aug 2023 12:14 AM (GMT+05:30)
भागलपुर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिला स्थित साहिबाबाद में गिरफ्तार हुई सृजन घोटाला की आरोपित रजनी प्रिया के विरोधाभाषी बयान ...और पढ़ें
संजय सिंह, भागलपुर: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिला स्थित साहिबाबाद में गिरफ्तार हुई सृजन घोटाला की आरोपित रजनी प्रिया के विरोधाभाषी बयान के कारण सीबीआई की उलझनें बढ़ गई हैं। गिरफ्तारी के बाद उसने सीबीआई को बताया कि बीमारी के कारण उनके पति अमित कुमार की मौत हो चुकी है।
उधर, साहिबाबाद में जब उनके पड़ोसी पति के बारे में पूछते थे तो वह बताती थी कि उनका पति ऑस्ट्रेलिया में डॉक्टर है। सृजन घोटाले की किंगपिन व रजनी की सास मनोरमा देवी की मौत के बाद सृजन का पूरा लेखा-जोखा अमित के पास ही था।
मनोरमा देवी का सबसे छोटा बेटा है अमित
इस संस्था से कई आईएएस, आईपीएस, बिल्डर और शहर के व्यवसायी लाभान्वित हुए हैं। ऐसे लोगों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। मनोरमा देवी के तीन पुत्रों में अमित सबसे छोटा है।
सबसे बड़ा पुत्र डॉ. प्रणव ऑस्ट्रेलिया में चिकित्सक है। प्रणव के छोटे भाई बब्बू की मौत सड़क दुर्घटना में रांची में हो गई थी। अमित ऐसी कोई गंभीर बीमारी से ग्रसित नहीं था कि उसकी मृत्यु हो जाए।
सीबीआई के सूत्रों ने बताया कि रजनी प्रिया अपने पति की मौत होने की बात तो कहती है, लेकिन प्रमाण मांगने पर वह चुप्पी साध लेती है।
सीबीआई इस सवाल का भी जवाब तलाश रही है कि रजनी ने अपने पड़ोसियों को कैसे बताया कि उसके पति ऑस्ट्रेलिया में डॉक्टर हैं, जबकि उसके जेठ ऑस्ट्रेलिया में डॉक्टर हैं।
अमित की बहनों की जानकारी जुटा रही सीबीआई
अमित की चार बहनें हैं, जिनमें से दो दिल्ली में रहती हैं। दो अन्य बहनें कहां रह रही हैं, इसका पता भी सीबीआई कर रही है। मनोरमा ने अपने जीवनकाल में अपनी बेटियों को भी संपत्ति दी थी।
रजनी प्रिया की गिरफ्तारी के समय उसके फ्लैट में उसका पुत्र (बाबू) और एक सहायक भी था, उन दोनों को उनकी बुआ अपने साथ ले गई। मनोरमा की मौत के बाद ही सृजन घोटाले को लेकर उस संस्था के शीर्ष पदाधिकारियों के बीच विवाद शुरू हुआ।
अपने जिंदा रहने के दौरान ही मनोरमा ने सृजन का पूरा कारोबार पुत्र अमित व पुत्रवधू रजनी प्रिया के हाथों में सौंप दिया। जब सृजन द्वारा सरकारी धनराशि नहीं लौटाई जाने लगी और चेक बाउंस होने लगे, तब अधिकारियों के बीच खलबली मची।
तत्कालीन जिलाधिकारी आदेश तितरमारे के निर्देश पर इस मामले में केस किया गया। कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई। बाद में यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया।
घोटाले में वीआईपी के शामिल होने की आशंका
सीबीआई तब से रजनी प्रिया व अमित को ढूंढ रही थी। रजनी प्रिया तो पकड़ी गई पर सीबीआई को घोटाले के मास्टरमाइंड अमित के बारे में अबतक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
सीबीआई सूत्रों का कहना है कि रजनी के बयान के आधार पर उनके अधिकारी अमित की मौत के कारणों का पता लगा रहे हैं। सीबीआई को इस बात की भी आशंका है कि इस घोटाले से कई वीआईपी जुड़े हैं। इस कारण अमित के जिंदा या मुर्दा होने का खेल भी खेला जा रहा हो।