जागरण संवाददाता, भागलपुर। साइबर ठग ने शहर के हड्डी रोग विशेषज्ञ डाक्टर सोमेन चटर्जी को स्टेट बैंक कर्मी बता केवाइसी अपडेट करने को बोल खाते से छह लाख का चूना लगा दिया। साइबर शातिर ने डाक्टर चटर्जी को फोन काल किया तो उन्हें भरोसा इसलिए हो गया कि मोबाइल के ट्रू कालर पर एसबीआइ स्टाफ की पहचान देख उन्होंने उसके कहे को सच मानते हुए एप्प डाउनलोड कर लिया। काल करने वाले ने अपना परिचय एसबीआइ कर्मी संतोष मिश्रा के रूप में दिया था।

एप्प डाउनलोड करते ही डाक्टर चटर्जी के खाते से दो बार अवैध निकासी हुई। पहली बार एक लाख रुपये का और दूसरी बार पांच लाख रुपये ट्रांसफर हो गया। रुपये पासफर टेक्नोलाजी प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर हो गया। जबकि उन्होंने कोई ओटीपी शेयर भी नहीं किया था। इस दौरान एक नंबर से काल भी उन्हें आया जिसने अवैध निकासी के संबंध में अगाह किया तो डाक्टर ने एकाउंट बंद करा दिया। डाक्टर ने राधा रानी सिन्हा रोड स्थित एसबीआइ पीबीबी शाखा के मैनेजर को जानकारी दी। मैनेजर ने शिकायत दर्ज कर लिया और स्टेट बैंक की मुख्य शाखा को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए जानकारी दे दी है। डाक्टर चटर्जी ने तिलकामांझी थाने में घटना की बाबत केस दर्ज करा दिया है। तिलकामांझी पुलिस घटना की जानकारी साइबर सेल को भी दे दी है।

क्विक स्पोर्ट एप्प से मोबाइल हैक कर ले रहे साइबर शातिर, पुलिस ने किया सतर्क

साइबर शातिर लोगों की व्यक्तिगत गोपनीय जानकारियां जान ठगी करने के लिए क्विक स्पोर्ट एप्प को माध्यम बना उसके जरिये मोबाइल हैक कर रहे हैं। भागलपुर की साइबर सेल इस एप्प को लेकर लोगों को सावधान किया है। एसएसपी बाबूराम के निर्देश पर साइबर सेल ने लोगों को जानकारी दे इस बात को लेकर अगाह किया है कि ठग लोगों को फोन करके बैंक खाते के केवाइसी अपडेट करने के लिए इस एप्प को डाउन लोड करने का अनुरोध कर रहे हैं। ऐसी शिकायतें मिलने के बाद लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है ताकि ऐसे मैसेज या फोन काल पर इस एप्प को डाउन लोड नहीं करें। इनसे सावधान रहने की जरूरत है

ऐसे बहुत सारे एप्प है जिनसे जाने-अनजाने में लोग अपना मोबाइल या लैपटाट का नियंत्रण किसी दूसरे व्यक्ति को दे देते हैं। वह व्यक्ति ऐसे लोगों के मोबाइल में कुछ भी देख सकते हैं या कर सकते हैं।

इससे वह पासवर्ड वगैरह डेटा चोरी कर आसानी से आनलाइन फ्राड कर बैंक खाते से पैसा निकाल ले रहा है। एसएसपी ने साइबर सेल के माध्यम से लोगों को सतर्क किया है कि वो किसी भी व्यक्ति को अपने मोबाइल, लैपटाप का एक्सेस न दे। इसमे दोष इस एप्प का नही है।एप्प तो किसी डिवाइस को दूर बैठकर एक्सेस करने की सुविधा देता है।

Edited By: Dilip Kumar Shukla