शरद पूर्णिमा: अजगैवीनाथ धाम में बरसेगी शिव कृपा, चांद की रोशनी में अमृत वर्षा का योग
शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर अजगैवीनाथ धाम में लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचेंगे।

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)
HighLights
लाखों श्रद्धालु अजगैवीनाथ धाम में गंगा स्नान करेंगे।
शरद पूर्णिमा पर गंगा स्नान का विशेष धार्मिक महत्व।
चंद्रमा की किरणों से खीर में अमृत बरसने की मान्यता।
संवाद सूत्र, अजगैवीनाथ धाम। शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर रविवार को पवित्र उत्तरवाहिनी के अजगैवीनाथ मंदिर घाट एवं नमामि गंगे घाट पर पर लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रद्धालु गंगा तट पर आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे। इसके लिए नगर परिषद और प्रशासन ने विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं।
नप द्वारा गंगा घाटों की सफाई का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। शरद पूर्णिमा का अपना एक विशिष्ट महत्व है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं पर भगवान शिव की विशेष कृपा बरसती है।
इसी को लेकर बिहार झारखंड, बंगाल सहित अन्य राज्यों से भारी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान करने अजगैवीनाथ धाम पहुंचते हैं और गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर मां गंगा की पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना करते हैं।
वहीं, कुछ लोगों के बीच पूर्णिमा को लेकर असमंजस बनी हुई है लेकिन अधिकांश लोग रविवार को ही शरद पूर्णिमा का स्नान करेंगे कुछ लोग पूर्णिमा का स्नान ध्यान मंगलवार को करेंगे।
चंद्रमा से बरसता है अमृत
पंडित अजय झा ने बताया कि शरद पूर्णिमा की रात को दूध की खीर बनाकर खुले आसमान के नीचे रखने का विशेष महत्व है। शरद पूर्णिमा की रात खीर बनाकर उस स्थान पर रखा जाए, जहां चंद्रमा की किरणें पड़ने से खीर पर चंद्रमा से अमृत बरसता है और सुबह सबसे पहले उस खीर को खाया जाए तो शरीर में एक नई ऊर्जा उत्पन्न होती है।
इतना ही नहीं इस खीर को अमृत के समान माना गया है। खीर खाने वाले व्यक्ति की आयु भी बढ़ती है। इस पर्व पर गंगा में स्नान अत्यंत फलदाई है। स्नान, पूजा और दान करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है।
दूर दराज से गंगा स्नान करने आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी ना हो इसको लेकर थानाध्यक्ष धनंजय कुमार ने चिन्हित जगह पर पुलिस पदाधिकारी के साथ पुलिस बलों की तैनाती की है ।
