भागलपुर। सैंडिस कंपाउंड को स्मार्ट बनाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। जुलाई में इसे आम नागरिकों के लिए खोल दिया जाएगा। सजे-संवरे सैंडिस के देखरेख की जिम्मेदारी आउट सोर्सिंग कंपनी को सौंपने की तैयारी चल रही है। एक माह के अंदर एक से तीन वर्ष के लिए आउटसोर्सिग कंपनी के निविदा की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

इसके बाद कैफेटेरिया, पार्किंग, ओपेन एयर थियेटर व किड्स प्ले के उपयोग पर आपको शुल्क देना होगा। जिम, लान टेनिस, बैडमिटन, स्वीमिग पुल, बास्केट बाल के लिए भी शुल्क निर्धारित करने पर सहमति बन गई है।

स्टेडियम व स्पोर्टस काम्प्लेक्स में अभ्यास के लिए भी खिलाड़ियों को शुल्क देना पड़ेगा। इसके लिए बुधवार को भागलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सीईओ सह नगर आयुक्त डा. योगेश कुमार सागर ने खेल संघ के पदाधिकारी के साथ बैठक की। इसमें जिला खेल पदाधिकारी प्रमोद यादव भी शामिल हुए।

सैंडिस कंपाउंड में क्रिकेट, फुटबाल, एथलेटिक्स व वालीबाल को निशुल्क रखा गया है। संघ के अलावे निजी तौर पर खेल आयोजन कराने वालों से शुल्क लिया जाएगा। शुल्क के रूप में आने वाले पैसे को काम्प्लेक्स के रखरखाव पर खर्च किया जाएगा। सफाई, घास कटिग, बिजली समेत रखरखाव का खर्च इसी से वहन किया जाएगा। सभी खेल गतिविधियों के लिए शुल्क निर्धारण को एसओपी एक-दो दिनों में अंतिम रूप से तैयार हो जाएगा।

अन्य जिमों का आंकलन

जिम में अभ्यास शुल्क निर्धारण के लिए शहर के अन्य जिमों का आंकलन किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी स्मार्ट सिटी की टीम को सौंपी गई है। निजी जिम से सैंडिस के जिम का शुल्क कम होगा। खेल संघ के सुझाव पर जिला खेल पदाधिकारी को छोटे स्वीमिंग पुल के निर्माण का प्रस्ताव भेजा जाएगा। इस अवसर पर नीलकमल राय ने बताया कि वालीबाल के लिए सिथेटिक कोर्ट के निर्माण का प्रस्ताव दिया गया था, पर काम नहीं हुआ। नगर आयुक्त ने स्मार्ट सिटी के इंजीनियर को कोर्ट निर्माण से संबंधित कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।

इस मौके पर नसर आलम, डा. आनंद मिश्रा, अजय राय, डा. अर्जुन सिंह, संजय प्रवीण झा आदि मौजूद थे।

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