जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर जिले की एसडीपीओ ने अपने पति को आइपीएस बना दिया। मामला जब तूल पकड़ा तो पीएमओ ने ही खुद जांच के आदेश दे दिए हैं। यह मामला कहलगांव एसडीपीओ रेशू कृष्णा का है। उन्होंने अपने पति को आइपीएस की वर्दी पहनाकर एक फोटो खिंचा और इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट कर दिया। इसके बाद तो अब उनके पैर के नीचे की जमीन ही खिसक गई है। पति को खाकी वर्दी में फोटो खिंचाकर सोशल मीडिया में पोस्ट करना एसडीपीओ कहलगांव रेशू कृष्णा को भारी पड़ गया।

मामला तूल पकडऩे लगा है। किसी ने शिकायत कर दी कि एसडीपीओ के पति पुलिस में नहीं हैं, बावजूद वर्दी में उनकी तस्वीर लगातार एसडीपीओ पोस्ट कर रही हैं, साथ में खुद भी हैं। मामला इतना हाइप्रोफाइल हो गया है। इसकी जांच पुलिस मुख्यालय ने की है। दरअसल, पुलिस मुख्यालय भी इस मामले में कुछ बोलने से परहेज कर रहा है। उसे न कुछ लिखते बन रहा है और न कहते। पुलिस मुख्यालय ने इस मामले में भागलपुर एसएसपी को भी पत्र भेजा है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि इस मामले की रिपोर्ट सौंप दी गई।

मामला इसलिए भी उलझ गया है क्योंकि सैन्य और पुलिस पोशाकों को आम आदमी को पहनने पर पाबंदी है। इससे जुड़े तमाम नियम व कानून प्रावधान सशस्त्र बल अधिनियम, आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) में भी हैं। आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम की धारा छह में इस पर प्रतिबंध है।

कहलगांव की एसडीपीओ रेशू कृष्णा पटना की निवासी हैं। रेशू ने बीपीएससी परीक्षा में 13वीं रैंक हासिल की थी। भोजपुर जिले में अपनी तैनाती के दौरान कई कांडों का सफलतापूर्वक पर्दाफाश कर सुर्खियों में आई थीं। इसके बाद महिला बटालियन में तैनात हुई। फिर कहलगांव में एसडीपीओ के रूप में तैनाती हुईं।

हाल के दिनों में रेशू कृष्णा अपने पति के साथ फोटो को सोशल मीडिया में पोस्ट करने लगीं। किसी ने इसकी शिकायत कर दी कि उनके पति कुछ भी काम नहीं करते हैं तो उन्होंने पुलिस की वर्दी कैसे पहनी है। शिकायत करने वाले ने पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) को भी पत्र भेजा कि एसडीपीओ यह कहती हैं कि उनके पति आइपीएस हैं और पीएमओ में तैनात हैं। इस शिकायत पर पीएमओ ने जांच की। वहां कोई आइपीएस नहीं है। इसके बाद पीएमओ ने मामले को बिहार पुलिस मुख्यालय को भेज दिया। पत्र आते ही मुख्यालय में इस मामले को लेकर कोहराम मच गया। मुख्यालय ने गुपचुप तरीके से जांच की। अब इसकी जांच भागलपुर एसएसपी नताशा गुड़िया से कराई जा रही है।

मुख्यालय एडीजी जीतेंद्र कुमार ने कहा कि हमें इसकी जानकारी नहीं है। ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है। एसडीपीओ रेशू कृष्णा ने कहा - छोड़ दीजिए। मुझे कोई जानकारी नहीं है। मुझे इस संबंध में कुछ नहीं कहना है। भागलपुर नगर एसपी स्वर्ण प्रभात ने कहा कि यह उनका निजी मामला है। मुख्यालय से जांच के लिए पत्र आया है। इसकी जांच की जा रही है।

Edited By: Dilip Kumar Shukla