भागलपुर। सबौर और घोघा के बीच रिजेक्टेड मसाढ़ू पुल के बगल में नए पुल निर्माण के लिए डेढ़ साल पूर्व स्वीकृति मिल चुकी है। लेकिन अबतक इस पुल के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण नहीं हो सका है।

जून 2016 में मसाढ़ू पुल धंस गया था। एनएच विभाग के मुख्य अभियंता, रीजनल ऑफिसर समेत कई वरीय पदाधिकारियों ने इस पुल का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के बाद वरीय अधिकारियों ने इस पुल को रिजेक्ट घोषित कर दिया। पुराने पुल को तोड़ कर नए पुल बनाने की घोषणा की गई। नए पुल का टेंडर फाइनल हुए भी डेढ़ साल पूरा हो चुका है। इस पुल के निर्माण में सात करोड़ रुपये खर्च होंगे। भूमि अधिग्रहण के लिए 85 लाख रुपये की मंजूरी भी मिल गई है। लेकिन अबतक भूमि अधिग्रहण नहीं हो सका है।

भूमि अधिग्रहण के अभाव में पुल निर्माण की समस्या खड़ी हो गई है। सबौर से रमजानीपुर तक सड़क निर्माण का टेंडर पलक इंफ्रा प्रोजेक्ट को टेंडर मिला है। टेंडर 48 करोड़ का है। सड़क के साथ ही मसाढ़ू पुल निर्माण भी टेंडर में शामिल है। मसाढ़ू पुल निर्माण के लिए सात करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। जिसमें 85 लाख रुपये भूमि अधिग्रहण के लिए मंजूर की गई है। नए पुल की लंबाई और चौड़ाई पुराने पुल से अधिक होगी। दोनों ओर फुटपाथ बनेगा। इधर, नए पुल के निर्माण होने तक 68 लाख रुपये खर्च कर दयाल हाईटेक इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड से रिजेक्टेड पुल की दुरुस्तीकरण कर फिलहाल चलने लायक बनाया गया। लेकिन वाहनों के दबाव में पुराने पुल की स्थिति खराब हो गई है।

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कोट

जल्द भूमि अधिग्रहण करने की उम्मीद है। पुराने पुल की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

-लक्ष्मीनारायण सिंह, अधीक्षण अभियंता, एनएच विभाग, भागलपुर।

Posted By: Jagran