जेएनएन , भागलपुर । सृजन मामले में सामान्य प्रशासन को महालेखाकार (लेखा परीक्षा) की संशोधित रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर सामान्य प्रशासन ने भागलपुर सहित आधा दर्जन जिलों को घोटाले की पुनरावृति रोकने तथा इसमें दोषी को चिह्नित कर प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव राम विशुन राय ने भागलपुर, बांका, सहरसा, पटना, पूर्णिया, नालंदा और वैशाली के डीएम को पत्र लिखा है।

सामान्य प्रशासन ने एजी की 29 सितंबर की रिपोर्ट में कहा है सृजन घोटाले में गंभीर वित्तीय अनियमितता प्रतिवेदित की गई है। डीएम को कहा है कि अनुपालन प्रतिवेदन एजी को उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही सरकारी खाते से जालसाजी द्वारा धोखाधड़ी, वित्तीय अनियमितता तथा सरकारी राशि की अवैध निकासी के लिए मनी सूट दायर करने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है। भविष्य में इस प्रकार के मामले की पुनरावृत्ति रोकने के लिए समय-समय पर वित्त विभाग द्वारा दिए गए निर्देशों का अनुपालन करने को कहा गया है। विभाग ने कहा है कि ऐसे मामलों में दोषी सरकारी पदाधिकारियों और कर्मियों जिनके संबंध में कार्रवाई सामान्य प्रशासन के द्वारा किया जाना है, को चिह्नित कर उनके संबंध में आरोप पत्र साक्ष्य सहित गठन करते हुए मंतव्य के साथ एवं ऐसे दोषी पदाधिकारी और कर्मी जिनके लिए कार्रवाई के लिए खुद डीएम सक्षम हैं, कार्रवाई कर प्रतिवेदन दें। एजी के पत्र के आलोक में भू अर्जन ने डीएम को पूर्व जिला भू अर्जन पदाधिकारी राजीव रंजन सिंह और नाजिर राकेश झा के विरुद्ध कार्रवाई करने की सूचना दी है।

Posted By: Jagran

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