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फरवरी में बोर्ड परीक्षा और स्कूल में 40% हाजिरी! भागलपुर मोक्षदा इंटर स्कूल के निरीक्षण में भड़के RDDE, लगाई क्लास

Published: Fri, 11 Sep 2026 11:14 PM (GMT+05:30)

Bhagalpur Mokshada Girls High School RDDE Inspection: भागलपुर के मोक्षदा इंटर बालिका उच्च विद्यालय में छात्राओं की बेहद कम 40% ...और पढ़ें

Bhagalpur Mokshada Girls High School RDDE Inspection: मोक्षदा बालिका उच्च विद्यालय में 40% छात्राओं की उपस्थिति पर भड़के RDDE, मॉडल स्कूल के विकास में लापरवाही पर लगाई फटकार

Bhagalpur Mokshada Girls High School RDDE Inspection: मोक्षदा बालिका उच्च विद्यालय में 40% छात्राओं की उपस्थिति पर भड़के RDDE, मॉडल स्कूल के विकास में लापरवाही पर लगाई फटकार

HighLights

  1. मोक्षदा स्कूल में 40% उपस्थिति पर आरडीडीई ने जताई कड़ी नाराजगी।

  2. मॉडल स्कूल होने के बावजूद व्यवस्था लचर, सुधार के निर्देश दिए।

  3. लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास, लैब आधुनिक बनाने और उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Mokshada Girls High School RDDE Inspection: शहर के प्रतिष्ठित मोक्षदा इंटर बालिका उच्च विद्यालय में छात्राओं की बेहद कम उपस्थिति और शैक्षणिक व्यवस्था की सुस्ती पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अख्तियार किया है। विद्यालय में कुल 1,040 नामांकित छात्राओं के मुकाबले महज 400 छात्राएं ही उपस्थित पाई गईं, यानी औसतन केवल 40 फीसदी उपस्थिति दर्ज की गई।

शुक्रवार को औचक निरीक्षण करने पहुंचे क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक (आरडीडीई) सुभाष कुमार गुप्ता ने इस लचर स्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि फरवरी माह में मैट्रिक और इंटरमीडिएट की वार्षिक बोर्ड परीक्षाएं आयोजित होनी हैं, ऐसे में छात्राओं की नियमित उपस्थिति का इतना गिरना बेहद चिंताजनक और अस्वीकार्य है।

आरडीडीई जब सुबह करीब 11:30 बजे विद्यालय पहुंचे, तो वहां समयबद्धता की भारी कमी देखने को मिली। निर्धारित समय से देर से पहुंचने के कारण मुख्य द्वार पर सुरक्षा कर्मियों द्वारा करीब एक दर्जन छात्राओं को बाहर ही रोक दिया गया था। आरडीडीई ने स्वयं हस्तक्षेप कर सभी छात्राओं को परिसर के भीतर प्रवेश कराया।

RDDE Fumes Over 40 Percent Attendance at Bhagalpur Mokshada School (1)

इसके बाद उन्होंने कक्षावार जाकर छात्राओं से सीधा संवाद किया और उन्हें जीवन में अनुशासन व समय के महत्व के बारे में समझाया। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे प्रतिदिन समय पर स्कूल आएं और अपनी सहपाठियों को भी नियमित आने के लिए प्रोत्साहित करें। इसके साथ ही उन्होंने विद्यालय के प्रधानाध्यापक को उपस्थिति में तत्काल सुधार लाने के लिए अभिभावकों से संपर्क साधने का निर्देश दिया।

मॉडल स्कूल का दर्जा, तो व्यवस्था भी मॉडल दिखनी जरूरी

निरीक्षण के दौरान आरडीडीई ने विद्यालय प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मोक्षदा इंटर उच्च विद्यालय को मॉडल स्कूल के रूप में चयनित किया गया है, लेकिन धरातल पर प्राचार्य की ओर से इसके सर्वांगीण विकास के लिए कोई ठोस व गंभीर प्रयास नहीं दिख रहे हैं।

  • क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक (RDDE) सुभाष कुमार गुप्ता ने शुक्रवार को मोक्षदा इंटर बालिका उच्च विद्यालय का किया औचक निरीक्षण

  • कुल 1040 नामांकित छात्राओं में से मात्र 400 (लगभग 40 प्रतिशत) उपस्थिति मिलने पर आरडीडीई ने जताई कड़ी नाराजगी

  • देर से पहुंचने के कारण मुख्य द्वार पर रोकी गईं करीब एक दर्जन छात्राओं को भीतर ले जाकर सिखाया समयबद्धता का पाठ

  • मॉडल स्कूल के अनुरूप लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास और लैब को आधुनिक बनाने तथा परिसर का सौंदर्यीकरण करने का सख्त निर्देश

उन्होंने निर्देशित किया कि विद्यालय की लाइब्रेरी (पुस्तकालय), स्मार्ट क्लास और प्रयोगशालाओं (लैब) को आधुनिक, सुसज्जित और आकर्षक बनाया जाए। इसके लिए शीघ्र एक व्यापक कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा गया, ताकि स्कूल का ढांचा वास्तव में मॉडल स्कूल जैसा नजर आए।

इसके अतिरिक्त, विद्यालय परिसर को हरा-भरा और खुशनुमा बनाने के लिए फूल-पौधों के जरिए बेहतर व सुनियोजित वातावरण विकसित करने पर बल दिया गया। हालांकि, निरीक्षण में राहत की बात यह रही कि उपस्थित छात्राएं विद्यालयी पोशाक (ड्रेस) में थीं और उनमें सीखने व आगे बढ़ने का उत्साह दिखा। आरडीडीई ने छात्राओं का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें पूरी लगन से पढ़ाई करने की सीख दी।

24 कमरे और 24 शिक्षक, फिर भी आकर्षण का अभाव

आरडीडीई सुभाष कुमार गुप्ता ने समीक्षा के दौरान बताया कि विद्यालय के पास पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं। यहां 24 शिक्षण कक्ष (कमरे) और 24 योग्य शिक्षकों की पदस्थापना है। साथ ही विभागीय स्तर पर विकास कार्यों के लिए फंड (निधि) की कोई कमी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब संसाधन उपलब्ध हैं, तो बच्चों को विद्यालय की ओर आकर्षित करने और ठहराव सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास करने होंगे।

उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को कड़े शब्दों में हिदायत दी कि वे अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव लाएं और छात्र उपस्थिति को 75 प्रतिशत से ऊपर ले जाने के लिए ठोस पहल सुनिश्चित करें।