संवाद सूत्र, हेमजापुर (मुंगेर)। पिछले दो से तीन दिनों में गंगा का जलस्तर काफी तेजी से बढ़ गया है। जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर से भी नीचे बह रही है। जलस्तर बढऩे से तटवर्ती इलाके में रहने वालों की नींद उड़ गई है। लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। ऊंचे स्थान पर जाने लगे हैं। जिले के बरियापुर प्रखंड, सदर प्रखंड और धरहरा के हेमजापुर पंचायत हजारों की आबादी गंगा किनारे रहती है। ऐसे में लोगों को बाढ़ को लेकर एक डर सा माहौल दिख रहा है। हम बात करें हेमजापुर पंचायत की तो यहां के हेमजापुर, बाहाचौकी और शिवकुंड के गांव में गंगा नदी का पानी घुसने को बेताब दिख रही है। दियारा क्षेत्र में सब्जी की खेती करने वाले किसान अपनी फसलों के डूबने की ङ्क्षचता सता रही है। पशुपालक भी अपनी पशुओं के लिए ऊंची जगहों पर जाने लगे हैं। बुधवार को भी गंगा नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होती रही। जलस्तर में वृद्धि को लेकर प्रशासनिक तैयारियां भी काफी तेज कर दी गई है।

प्वाइंटर्स

-03 पंचायत बाहाचौकी, शिवकुंड और हेमजापुर पंचायत हैं बाढ़ प्रभावित

-03 पंचायतों के लिए तीन गोताखोर किए गए नियुक्त

-33 छोटी-बड़ी नौका है प्रशासन की ओर से निबंधित

-07 हजार से ज्यादा लोगों का नाम बाढ़ राहत सूची में शामिल

-05 अगस्त को जिले में 40 एमएम बारिश की संभावना

धरहरा प्रखंड के तीन पंचायत सर्वाधिक प्रभावित

राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 80 स्थित प्रखंड के हेमजापुर, शिवकुंड और बाहाचौकी के सभी वार्ड जलमग्न हो जाते हैं। हेमजापुर के चांद टोला और रामनगर नवटोलिया और दुर्गापुर के समीप से गंगा नदी का पानी गांव में प्रवेश करती है। इन निचले वाले इलाकों में गंगा गांव में घुसने को बेताब है। स्थानीय ग्रामीणों मछुआरों और पशुपालकों का कहना है कि अगर गंगा नदी की रफ्तार इसी तरह बढ़ती रही तो चार-पांच दिनों के भीतर गांव में गंगा नदी का पानी प्रवेश कर जाएगा। तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के घरों के आगे नौका ही अब आवागमन का साधन बन गया है। जमालपुर प्रखंड का ङ्क्षसघिया, परहम फरदा पंचायत भी बाढ़ प्रभावित है।

प्रशासनिक तैयारियां भी हो गई शुरू

संभावित बाढ़ को लेकर मुंगेर जिला प्रशासन की ओर से युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई है। गंगा तटवर्ती तीन पंचायतों के लिए तीन सरकारी नौका और 30 मछुआरों के नौका को मिलाकर 33 नौका का निबंधन किया गया है। आपात स्थिति में इन नौका का उपयोग आवागमन के लिए किया जाएगा। सात हजार से अधिक बाढ़ लाभार्थियों की सूची तैयार कर ली गई है। सुबह शाम धरहरा अंचलाधिकारी पूजा कुमारी और हेमजापुर पुलिस की ओर से जलस्तर का निरीक्षण किया जा रहा है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हेमजापुर ओपी क्षेत्र में सदर एसडीओ के आदेश पर तीन गोताखोर नियुक्त किए गए हैं। हेमजापुर ओपी क्षेत्र के तीन पंचायतों के लिए राजा सहनी, विपिन सहनी और रोहित सहनी को गोताखोर के रूप में नियुक्त किया गया है।

आने वाले दिनों के लिए मौसम का हाल

मुंगेर कृषि विज्ञान केंद्र के समन्वयक प्रो. मुकेश कुमार ने बताया कि अगले चार दिनों में आकाश बादलों छाए रहेंगे। भारी बारिश होने की भी संभावना है। गुरुवार पांच अगस्त को मुंगेर जिले में 40 एमएम बारिश होने की उम्मीद है।

-संभावित बाढ़ को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारी शुरू हो गई है। अनुमंडल क्षेत्र के चार थानों में गोताखोरों की नियुक्ति कर दी गई है। बाढ़ को लेकर नौका का निबंधन कर लिया गया है। सर्वाधिक प्रभावित इलाकों में विशेष व्यवस्था की जा रही है। अभिभावकों बच्चों के साथ गंगा किनारे और मछुआरों को सूर्यास्त के बाद गंगा नदी में जाने पर रोक पूरी तरह से रोक लगाई है। -खगेश चंद्र झा, सदर एसडीओ।

-गंगा नदी के जल स्तर पर लगातार नजर है। ़हेमजापुर ओपी क्षेत्र के विभिन्न गंगा घाटों का स्थानीय पुलिस प्रशासन व राजस्व कर्मचारी के माध्यम से निरीक्षण किया जा रहा है। लोगों को संभावित बाढ़ को लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन तैयार है। -पूजा कुमारी, सीओ, धरहरा।

 

Edited By: Abhishek Kumar