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बिहार: हाथ में राखी, आंखों में आंसू और मां गंगा से बहनों की पुकार- हमरा राजा भैया लौटा दो

Published: Fri, 28 Aug 2026 03:22 PM (IST)

नवगछिया में बचाव कार्य के दौरान नाव पलटने से बादल मंडल गंगा में लापता हो गए। रक्षाबंधन से पहले भाई ...और पढ़ें

हाथ में राखी, आंखों में आंसू और मां गंगा से बहनों की पुकार- हमरा राजा भैया लौटा दो

हाथ में राखी, आंखों में आंसू और मां गंगा से बहनों की पुकार- हमरा राजा भैया लौटा दो

HighLights

  1. गंगा में नाव पलटने से दो मजदूर लापता, परिजनों का बुरा हाल।

  2. डीएम के निरीक्षण में कटाव स्थल से कई अधिकारी गायब मिले।

  3. लापरवाही पर डीएम ने अनुपस्थित अधिकारियों पर कार्रवाई की अनुशंसा की।

ललन राय, नवगछिया। खरीक प्रखंड का राघोपुर गांव जमींदारी तटबंध। शोर मचाती गंगा की लहरों के बीच दो बहनों की सिसकियां हर किसी का ध्यान खींच रही थी। हाथ में राखी और आंखों में आंसू लिए वह गंगा की और टकटकी लगाए देख रही थी।

रुंधे गले से वह बार-बार यही कहे जा रही थी कि हे गंगा मैया, हमरा राजा भैया (भाई) को लौटा दो। जी हां, लोदीपुर निवासी बादल मंडल गुरुवार को राघोपुर तटबंध पर चल रहे बचाव कार्य के दौरान नौका पलटने के बाद गंगा की लहरों में गुम हो गए।

शुक्रवार को भी बादल मंडल का कुछ पता नहीं चल सका। शुक्रवार को लूसी और शोभा अपने भाई की तलाश में तटबंध पर पहुंची थी। दोनों बहनों की सिसकियां तटबंध पर चल रहे फ्लड फाइटिंग कार्य में जुटे मजदूरों को भावुक कर दे रहा था।

एसडीआरएफ की टीम गंगा की धारा के बीच गुम हुए दोनों मजदूर बादल और सिकंदर मंडल की तलाश में जुटे हुए हैं। एसडीआरएफ जवानों से भी लूशी और शोभा यही कहती दिखीं- भैया कल राखी है। मेरे भैया को लेकर ही लौटना। डीएम के आने की सूचना पर लुशी और शोभा राघोपुर पंचायत भवन भी जा पहुंची।

डीएम अलंकृता पांडेय को राखी दिखाते हुए कहा- अब हमें केकरा राखी पहनेवै (अब हम किसको राखी बांधेंगे)। डीएम ने दोनों बहनों को सांत्वना देते हुए कहा कि प्रशासन आपके हरसंभव मदद के लिए तैयार है।

डीएम ने तत्काल स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया कि बादल सहित अन्य लापाता मजदूरों की तलाश जारी रखें। सर्च ऑपरेशन में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ें।

मालूम हो कि शुक्रवार को भाई बहनों का अटूट प्रेम का त्योहार रक्षा बंधन पर्व है। दूसरी ओर बादल की पत्नी काजल देवी का भी रो-रोकर बुरा हाल था। वहां भी गंगा तट पर पहुंची थी। वह भी कह रही थी- गंगा मैया मेरा सुहाग लौटा दो।

डीएम के निरीक्षण में अभियंता प्रमुख समेत कई अधिकारी गायब, कार्रवाई की अनुशंसा

दूसरी ओर, राघोपुर में जमींदारी बांध ध्वस्त होने के बाद कटावरोधी कार्य की निगरानी के लिए भेजे गए जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख इंजीनियर वरुण कुमार निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद नहीं मिले।

जिला पदाधिकारी अलंकृता पांडेय के निरीक्षण के समय अभियंता प्रमुख के साथ मुख्य अभियंता जयप्रकाश पासवान, अधीक्षण अभियंता समेत अन्य अभियंता भी कटाव स्थल पर नहीं थे। डीएम ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने और कार्रवाई की अनुशंसा की है।

जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव और मंत्री के निर्देश पर अभियंता प्रमुख वरुण कुमार को राघोपुर में कटावरोधी कार्य की निगरानी के लिए भेजा गया था। विभागीय निर्देश के अनुसार, उन्हें मौके पर कैंप कर बचाव कार्य की निगरानी करनी थी।

आरोप है कि निरीक्षण के दौरान वह कटाव स्थल पर रहने के बजाय होटल में आराम करते मिले। डीएम ने मौके पर मौजूद कार्यपालक अभियंता इंजीनियर गौतम कुमार से जानकारी ली कि जब अधिकारियों को कटाव स्थल पर कैंप करना था तो वे वहां क्यों मौजूद नहीं थे।

नाव हादसे के बाद भी अधिकारी नहीं थे मौके पर

डीएम ने कहा कि कटाव स्थल पर नाव हादसे में दो मजदूर लापता हो गए और इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों का मौके पर मौजूद नहीं रहना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि बिना सुरक्षा व्यवस्था के मजदूरों को बाढ़ में नाव से भेजने की अनुमति किस परिस्थिति में दी गई।

डीएम ने मौके पर मौजूद अभियंता और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि उफनती नदी में किसी भी परिस्थिति में नाव नहीं चलेगी। आदेश का उल्लंघन होने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उनके निर्देश पर नाव मालिक जयप्रकाश सिंह के विरुद्ध कनीय अभियंता ने परबत्ता थाने में मामला दर्ज कराया है।

डीएम ने पत्रकारों से कहा कि यहां जिस तरह की लापरवाही सामने आई है, वह विभाग और संबंधित एजेंसी से जुड़ा मामला है। संवेदक, अभियंता और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

तटबंध पर 24 घंटे कैंप करने का निर्देश

डीएम ने राघोपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए चलंत अस्पताल शुरू करने तथा भोजन, नाश्ता समेत अन्य आवश्यक व्यवस्था करने का निर्देश डीसीएलआर को दिया। विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तटबंध पर आम लोगों की आवाजाही रोकने को कहा।

जल संसाधन विभाग के अभियंताओं और दंडाधिकारी को 24 घंटे कैंप कर तटबंध की स्थिति नियंत्रित रखने तथा कटाव को बढ़ने से रोकने के लिए लगातार काम कराने का निर्देश दिया।

मुख्यालय से छह अभियंताओं की प्रतिनियुक्ति

जल संसाधन विभाग ने राघोपुर में कटावरोधी कार्य के लिए अभियंता प्रमुख के साथ छह अन्य अभियंताओं की प्रतिनियुक्ति की है। इनमें दो अधीक्षण अभियंता, दो कार्यपालक अभियंता और दो सहायक अभियंता शामिल हैं।

विभाग का कहना है कि सभी अभियंता अपने निर्धारित समय के अनुसार मौके पर कार्य कर रहे हैं। तटबंध के करीब 100 मीटर दायरे में नदी के दबाव को नियंत्रित करने और कट पॉइंट को बढ़ने से रोकने के लिए लगातार बचाव कार्य कराया जा रहा है।