संवाद सहयोगी, कटिहार। Rain In Bihar: पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण कटिहार रेलमंडल के जोगबनी स्टेशन पर जलजमाव व रेल ट्रैक पर पानी चढ़ने के कारण गुरूवार को कटिहार से जोगबनी जाने वाली पैसेंजर ट्रेन एवं सीमांचल एक्सप्रेस को शार्ट टर्मिनेट कर फारबिसगंज स्टेशन तक ही परिचालित किया गया। पूसी रेल की मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी गुनीत कौर ने बताया कि गुरूवार को आनंद विहार तक जाने वाली सीमांचल एक्सप्रेस फारबिसगंज से ही खुलेगी। रेल ट्रैक व जोगबनी स्टेशन परिसर से पानी उतरने के बाद ही ट्रेनों का परिचालन पूर्ववत किया जाएगा।

बताते चलें कि लगातार हो रही बारिश के कारण रेलमंडल का जोगबनी स्टेशन पूरी तरह जलमग्न हो गया है। रेल ट्रैक पर भी पानी का जमाव है। सुरक्षा की दृष्टि से रेल प्रशासन ने तत्काल फारबिसगंज तक ही ट्रेन परिचालित किए जाने का निर्णय लिया है। बारिश थमने के बाद परिचालन सामान्य होने की बात रेल अधिकारी कह रहे हैं।

अररिया में ट्रैक डूबे...

संवाद सूत्र, जोगबनी (अररिया)। लगातार बारिश से जोगबनी में बाढ़ की स्थिति हो गई है। इससे रेलवे ट्रैक भी आछूता नहीं रह गया। रेलवे ट्रैक पर नेता चौक सहित कई जगहों पर पानी का बहाव होने के कारण जोगबनी से खुलनेवाली ट्रेन को रद्द कर दिया गया है। स्टेशन प्रबंधक के अनुसार रेलवे ट्रेक पर बाढ का पानी आने के कारण सीमांचल एक्सप्रेस को फारबिसगंज में ही रोक दिया गया है। उक्त ट्रेन फारबिसगंज से ही पुनः दिल्ली के लिए चलेगी। बाढ़ के कारण रेलवे मालगोदाम, स्टेशन रोड सहित रेलवे क्वार्टर में बाढ से स्थिति खराब है, जलजमाव से लोगो को काफी कठनाइयों का सामना करना पड़ रहा है ।

महानंदा में उफान-बाढ़ का खतरा मंडराया

तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण महानंदा नदी उफान पर है। जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए तटवर्ती इलाके के ग्रामीण बाढ़ की आशंका से सशंकित हैं। बुधवार की दोपहर बहरखाल में महानंदा का जलस्तर 30 मीटर से ऊपर दर्ज किया गया। आजमगनर में जलस्तर 28 मीटर से अधिक आंका गया है। पिछले 12 घंटे में महानंदा के जलस्तर में 70 सेमी तक की वृद्धि दर्ज की गई है। आक्राम्य स्थलों पर महानंदा का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है।

निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। खासकर बांध के भीतर बसे गांवों की बड़ी आबादी बाढ़ के संभावित खतरे से चिंतित है। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल सालमारी के सहायक अभियंता पवन कुमार ने बताया कि भारी बारिश के कारण जलस्तर में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। स्थानीय बुजुर्ग बताते हैं कि अक्टूबर माह में इस तरह की बारिश पिछले कुछ दशक में नहीं देखी गई। बारिश के कारण धान की फसलको व्यापक क्षति हुई है। किसानों में हताशा है। किसानों ने बताया कि नदी के पानी फैलाव खेतों में होने से रही सही फसल भी बर्बाद हो जाएगी।

Edited By: Shivam Bajpai