भागलपुर। 15 अगस्त से जारी होने वाले रेलवे के नये टाइम टेबल में इस बार ट्रेनों के समय के साथ-साथ और उनकी लेटलतीफी की रोकथाम के लिए भी कई फेरबदल होंगे। ट्रेनों में जुड़ने वाले स्लिप कोच हटाए जाएंगे। इसके साथ ही ट्रेनों में जलापूर्ति के लिए अधिकतम 10 मिनट का ही समय निर्धारित होगा।

इंजन बदलने व रिवर्सल को सिर्फ 20 मिनट :

विद्युतीकृत रेलखंडों के लिए इलेक्ट्रिक और गैर विद्युतीकृत के लिए डीजल इंजनों का इस्तेमाल होता है। विद्युतीकृत रेलखंड से गैर विद्युतीकृत में प्रवेश से पहले इंजन बदले जाते हैं। अब इस प्रक्रिया में अधिकतम 20 मिनट ही निर्धारित होगा। इसके साथ ही इंजन रिवर्सल यानी एक छोर से दूसरे तक पर ले जाकर इंजन जोड़ने की प्रक्रिया में भी 20 मिनट ही मिलेंगे।

आवागमन मार्ग पर कम होगी शटिंग :

कई बार ट्रेनों के शटिंग यानी यार्ड में भेजे जाने या उपलब्ध खाली टैक की ओर भेजने के दौरान ट्रेनों का आवागमन प्रभावित हो जाता है। शटिंग की इस प्रक्रिया में लाया जाएगा।

बार-बार नहीं होगा खाली रैक का मूवमेंट :

खाली रैक को बार-बार लाने और ले जाने की प्रक्रिया सीमित की जाएगी। उन्हें योजनाबद्ध तरीके से स्थायी प्लेटफॉर्म पर खड़ा किया जाएगा।

लेटलतीफी का रिकॉर्ड बना चुकी टेनों का बदलेगा समय

टाइम टेबल को लेकर जुलाई के पहले सप्ताह में देशभर के सभी जोन के चीफ पैसेंजर टै्रफिक मैनेजर यानी सीपीटीएम के साथ रेलवे बोर्ड में बैठक भी हुई है। इस दौरान ट्रेनों के लिए स्वीकृत गति सीमा के तहत ही उनका परिचालन सुनिश्चित करने संबंध निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही लेटलतीफी का रिकॉर्ड बना चुकी ट्रेनों को चिन्हित करने कहा गया है। ऐसी ट्रेनों का आकलन किया जाएगा कि आखिकार किस वजह से लेट रही। समय पालन के लिए उन ट्रेनों के टाइम टेबल में किए जाएंगे। अगर उनके लिंक रैक की लेट होने की वजह से समय पालन में तकनीकी दिक्कत आ रही है तो उसके लिए भी समाधान तलाशा जाएगा। दूसरे जोन से आने वाली ट्रेनों की मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी सीपीटीएम को सौंपी गई है जिससे उनका भी समय पालन हो सके।

अब टाइम टेबल बुक 70 रुपये का :

टाइम टेबल एट ए ग्लास बुक की कीमत अब तक 50 रुपये थी। इस बार इसकी कीमत में 20 रुपये की बढ़ोत्तरी होगी। 400 पन्ने की टाइम टेबल बुक 70 रुपये में उपलब्ध होगी।

Posted By: Jagran