संवाद सूत्र, बांका। जिले में धान खरीद अब भी रफ्तार नहीं पकड़ रही है। शुरू में धान में नमी ओर सीसी के कारण धान खरीद में देरी हुई थी। किसानों को लाभ दिलाने के लिए सभी पैक्सों का चयन कर सीसी दिया गया। लेकिन इसके बाद भी अब तक जिले में धान खरीद में गति नहीं पकड़ सकी है। इससे किसानों को काफी परेशानी हो रही है।

15 फरवरी तक किसान बेच सकेंगे धान, 6061 एमटी चावल एसएफसी में हुआ जमा

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अब तक 7745 किसानों से 39937 एमटी धान की खरीद की गई है। अधिक से अधिक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ मिले इसके लिए सभी पैक्सों का चयन कर सीसी दिया गया है। प्रतिबंधित पैक्सों को उसके नजदीक के पैक्स में टैग कर किसानों से धान खरीदने का निर्देश दिया गया। इन सब के बाद भी किसानों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है।

टैगिंग से किसानों को हो रही परेशानी

प्रतिबंधित पैक्स या वैसे पैक्स जहां समिति का गठन नहीं हुआ है। ऐसे पैक्सों को चिन्हित कर उसके नजदीक के पैक्स के साथ टैग कर दिया गया है। इससे किसानों को काफी परेशानी हो रही है। ऐसे में पंचायत के अधिकांश किसान पैक्स में धान बेचने सं वंचित हो रहे है। जो किसान अपना धान बेचने के लिए दूसरे पैक्स में जाते हैं। उन्हें ढुलाई खर्च अधिक लग रहा है। ऐसे में अधिंकांश किसान अपना धान बिचौलिया के हाथों में बेचने को मजबूर हैं।

15 फरवरी तक होगी धान की खरीद

जिले में धान खरीद का समय 15 नवंबर से 15 फरवरी तक है। ऐसे में अभी तक 137 पैक्स और पांच व्यापार मंडल के माध्यम से 77451 किसानों से 39937 एमटी धान की खरीद की गई है। जबकि धान खरीद का लक्ष्य 96 हजार एमटी है। ऐसे में बचे दिनों में लक्ष्य प्राप्त करना काफी मुश्किल होगा।

Edited By: Abhishek Kumar