संवाद सहयोगी, जमुई: pk Politics in Bihar: देश के जाने-माने राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने पटना में प्रेस कांफ्रेंस कर जन सुराज अभियान की घोषणा की। जिसके तहत वे आगामी दो अक्टूबर को चंपारण से पदयात्रा की शुरूआत कर पूरे बिहार में घूमेंगे। पदयात्रा की तैयारी और जन सुराज के संदेशों के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से प्रशांत किशोर लगातार लोगों से व्यक्तिगत तौर पर मिल रहे हैं। साथ ही, उन्होंने राज्य के अलग-अलग जिलों का दौरा भी शुरू कर दिया है। प्रशांत किशोर के जन सुराज अभियान से हर दिन काफी संख्या में लोग जुड़ रहे हैं।

इसी क्रम में प्रशांत किशोर ने अपने अभियान से समाजसेवी एवं शिक्षाविद धनंजय कुमार सिन्हा को भी जोड़ लिया है। धनंजय ने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरूआत शिवखेड़ा की पार्टी भारतीय राष्ट्रवादी समानता पार्टी से की। बाद में वे आम आदमी पार्टी से जुड़ गए एवं लंबे समय तक पार्टी में बिहार प्रदेश मीडिया प्रभारी के रूप में योगदान दिया। पत्रकारिता के क्षेत्र में भी धनंजय की रूचि रही है। विश्वभारती विश्वविद्यालय, शांतिनिकेतन से स्नातक एवं स्नातकोत्तर करते समय भी वे एक  अखबार के लिए रिपोर्टर के तौर पर खबरें भेजने का काम किया करते थे। बाद में उन्होंने देवघर के एक अखबार में बतौर संवाददाता काम किया।

  • - आम आदमी पार्टी के बिहार प्रदेश मीडिया प्रभारी रह चुके हैं धनंजय
  • - धनंजय के जुड़ने से तीव्र होगी जन सुराज अभियान की गति
  • - शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय हैं धनंजय
  • - मूल रूप से गिद्धौर के रहने वाले हैं धनंजय

धनंजय ने टीवी न्यूज चैनल में बिहार ब्यूरो चीफ के रूप में भी पदास्थापित रहे। वे अमन समिति एवं टैगोर स्टूडेंट क्लब के संस्थापक भी हैं। शिक्षा के क्षेत्र में वे एक अच्छे काउंसलर के रूप में भी जाने जाते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता सत्यजीत मेहता बताते हैं कि समाजसेवा एवं पत्रकारिता में रूचि रखने वाले शिक्षाविद धनंजय कुमार सिन्हा के जन सुराज अभियान में जुड़ने से निश्चित ही इसकी गति में तेजी आएगी। वहीं गांधीवादी विचारधारा के सामाजिक कार्यकर्ता सूर्यावत्स ने कहा कि धनंजय ईमानदार व स्वच्छ छवि के व्यक्ति हैं। महात्मा गांधी के जन सुराज को आगे बढ़ाने में प्रशांत किशोर के साथ कदमताल करेंगे तो इसे सकारात्मक दिशा मिलेगी।

बता दें कि धनंजय मूल रूप से गिद्धौर के रहने वाले हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गिद्धौर से ही हुई है। उनके पिता प्रभात सरसिज जानेमाने कवि एवं साहित्यकार हैं। पारिवारिक माहौल, साहित्यिक, सामाजिक व राजनीतिक रहने की वजह से धनंजय का झुकाव सदैव इन क्षेत्रों में रहा है। अब जन सुराज अभियान से धनंजय के जुड़ जाने के बाद उनके शुभङ्क्षचतकों व परिचितों ने शुभकामनाएं दी है।

Edited By: Shivam Bajpai