रुला देगी गरीबी की ये तस्वीर! चंदे के बाद भी चिता की लकड़ी पड़ी कम, अधजले शव को दफनाया
कहलगांव के घोघा पंचायत में एक दिहाड़ी मजदूर की मौत के बाद आर्थिक तंगी के कारण उसके अंतिम संस्कार के लिए पर्याप्त लकड़ी नहीं मिल पाई।

मृतक के अग्निकर्ता पुत्र को भोजन परोसती मृतक की मां। पीछे बैठी मृतक की पत्नी। जागरण
HighLights
दिहाड़ी मजदूर की मौत, अंतिम संस्कार में लकड़ी की कमी।
चंदा जुटाने पर भी शव पूरी तरह नहीं जल सका।
अधजले अवशेषों को गड्ढा खोदकर दफनाना पड़ा।
संवाद सूत्र, घोघा। आधुनिकता और विकास के दौर में भी गरीबी की ऐसी तस्वीर सामने आ जाती है, जो सरकारी व्यवस्था, सामाजिक संगठनों और समाज की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर देती है। ऐसा ही एक मामला कहलगांव प्रखंड के घोघा पंचायत अंतर्गत पन्नूचक मुसहरी टोला से सामने आया है।
यहां आर्थिक तंगी के कारण एक दिहाड़ी मजदूर के अंतिम संस्कार के लिए पर्याप्त लकड़ी तक का इंतजाम नहीं हो सका। चंदा इकट्ठा कर लकड़ी और अन्य सामग्री जुटाई गई, लेकिन इसके बावजूद शव पूरी तरह नहीं जल सका।
अंततः अधजले शव के अवशेष को गड्ढा खोदकर दफनाना पड़ा। घटना 19 अक्टूबर की बताई जा रही है। अब यह मामला तेजी से सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, पन्नूचक मुसहरी टोला निवासी मंगल रिसी (40 वर्ष), पिता स्व. भोला रिसी की हृदयाघात से मौत हो गई। मंगल दिहाड़ी मजदूरी कर अपने पांच सदस्यीय परिवार का भरण-पोषण करते थे।
परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। ऐसे में उनकी मौत के बाद परिजनों के सामने अंतिम संस्कार की व्यवस्था करना भी बड़ी चुनौती बन गया।
चंदा जुटाकर की गई अंतिम संस्कार की व्यवस्था
मृतक की पत्नी सोनी देवी ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण अंतिम संस्कार के लिए लोगों से चंदा इकट्ठा किया गया। इसी राशि से चिता की लकड़ी और अन्य जरूरी सामग्री जुटाई गई।
इसके बाद घोघा घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। मृतक को मुखाग्नि उनके दस वर्षीय पुत्र कर्मा कुमार ने दी। स्वजन के मुताबिक, चंदे से जुटाई गई राशि से पर्याप्त लकड़ी की व्यवस्था नहीं हो सकी।
चिता जलती रही, लेकिन लकड़ी खत्म हो जाने के कारण शव पूरी तरह नहीं जल पाया। करीब आधा शव जलने के बाद परिजनों के सामने आगे की व्यवस्था करने का संकट खड़ा हो गया। पर्याप्त संसाधन नहीं होने के कारण शेष अधजले शव को गड्ढा खोदकर दफना दिया गया।
मदद की गुहार के बावजूद नहीं मिला पर्याप्त सहयोग
मृतक की मां विमली देवी ने बताया कि अंतिम संस्कार में सहयोग के लिए उन्होंने कई लोगों से मदद मांगी थी, लेकिन उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिल सका।
परिवार की आर्थिक बदहाली के बीच इस घटना ने एक बार फिर गरीब और जरूरतमंद परिवारों के सामने आने वाली बुनियादी समस्याओं को उजागर कर दिया है।
घटना की जानकारी उन्हें पहले नहीं मिली थी। मृतक के स्वजन की ओर से भी उन्हें इसकी सूचना नहीं दी गई थी। सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें मामले की जानकारी मिली है। पीड़ित परिवार को आर्थिक सहयोग दिया जाएगा। - कविता कुमार, मुखिया घोघा पंचायत
