भागलपुर [आलोक कुमार मिश्रा]। डीएवी स्कूलों में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में शोषण की शिकायत की थी। पीएमओ के निर्देश पर श्रम संसाधन विभाग के अधिकारियों ने इन आरोपों की जांच की।

दरअसल, भागलपुर और बांका समेत बिहार के अन्य जिलों में स्थित डीएवी स्कूलों में गया की बाबा सिक्यूरिटी एजेंसी के सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। हाल ही में डीएवी स्कूलों के सुरक्षा कर्मियों ने पीएमओ को पत्र लिखकर शिकायत की थी कि एजेंसी द्वारा स्कूलों में सुरक्षा गार्ड के रूप दिए गए हैं। चार की जगह दो-दो सुरक्षाकर्मी ही स्कूलों में हैं। एक सुरक्षाकर्मी से 12-12 घंटे काम लिया जा रहा है। ओवरटाइम का भी एजेंसी द्वारा भुगतान नहीं किया जाता है। सुरक्षा कर्मियों ने शोषण का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी कि उनसे 12 घंटे काम लिया जाता है। सुरक्षा के अलावा माली, बिजली मिस्त्री और चालक का भी काम लिया जाता है।

प्रधानमंत्री कार्यालय से श्रम संसाधन विभाग के मंत्री को सुरक्षा कर्मियों की शिकायत की जांच कराने को कहा गया था। श्रम संसाधन विभाग के मंत्री ने भागलपुर समेत सूबे के अन्य जिलों के श्रम विभाग के अधिकारियों को मामले की जांच कर रिपोर्ट करने का निर्देश दिया। श्रम उपायुक्त कविता कुमारी, सहायक श्रमायुक्त सुधांशु कुमार और श्रम अधीक्षक रिपूसूदन मिश्रा ने भागलपुर और बांका में संचालित पांच डीएवी स्कूलों में जाकर मामले की जांच की।

श्रम अधीक्षक रिपूसूदन मिश्रा ने कहा कि सुरक्षा कर्मियों द्वारा लगाए गए आरोपों के बारे में पूछताछ की गई। बाबा सिक्युरटी एजेंसी के संचालक ओवरटाइम का भुगतान करने का दावा कर रहे थे, लेकिन कागजात लेकर कार्यालय नहीं आए थे। इसलिए 22 जुलाई को सारे कागजात के साथ कार्यालय आने के लिए कहा गया है।

कविता कुमारी (उप श्रमायुक्त, भागलपुर) ने कहा कि सुरक्षा कर्मियों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर शोषण करने का आरोप लगाया था। पीएमओ ने श्रम संसाधन विभाग के मंत्री को सुरक्षा कर्मियों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच करने को कहा गया था। मंत्री के निर्देश पर भागलपुर और बांका के पांच डीएवी स्कूलों में जाकर मामले की जांच की गई। बिंदुवार रिपोर्ट मुख्यालय को समर्पित कर दी गई है।

केके सिन्हा (क्षेत्रीय निदेशक सह प्राचार्य, डीएवी पब्लिक स्कूल, बरारी) ने कहा कि पटना स्थित डीएवी स्कूल के किसी सुरक्षा कर्मी ने लिखित शिकायत की थी। श्रम विभाग के अधिकारियों ने सुरक्षा कर्मियों और मुझसे जानकारी प्राप्त की थी। भागलपुर जोन के सभी पांच स्कूलों में आठ-आठ घंटे की ड्यूटी कराई जाती है। न्यूनतम मजदूरी के तहत भुगतान किया जाता है। एजेंसी द्वारा पीएफ भी जमा होता है। मेरे स्कूल में कुछ नहीं मिला।

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