विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

PM Modi के झाड़ग्राम दौरे का असर, ‘झालमुड़ी’ देशभर में ट्रेंड; भागलपुर से जुड़ा कनेक्शन, कजरैली का स्ट्रीट फूड WOW

Published: Tue, 21 Apr 2026 04:39 PM (IST)

West Bengal Assembly Elections 2026 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के झाड़ग्राम में झालमुड़ी स्टॉल पर अचानक रुकने के बाद यह ...और पढ़ें

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

दिलीप कुमार शुक्ला, भागलपुर। West Bengal Assembly Elections 2026 : पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में चुनावी सभा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अचानक एक झालमुड़ी की छोटी दुकान पर पहुंच जाना चार दिन बाद भी चर्चा में बना हुआ है। यह घटना अब केवल राजनीतिक हलकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इंटरनेट और सोशल मीडिया पर लगातार ट्रेंड कर रही है।

देशभर में “झालमुड़ी”, “नरेंद्र मोदी”, नरेंद्र मोदी और झालमुड़ी”, “झाड़ग्राम झालमुड़ी”, कैसे बनाएं झालमुड़ी”, “पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव” और “भागलपुर का झालमुड़ी” जैसे कीवर्ड्स की सर्चिंग तेजी से बढ़ी है। गूगल ट्रेंड्स में भी इन शब्दों ने खास जगह बना ली है। इस घटना ने न सिर्फ राजनीतिक हलकों में बल्कि आम लोगों के बीच भी खास दिलचस्पी पैदा की है। देशभर में लोग “झालमुड़ी” को लेकर सर्च और चर्चा कर रहे हैं।

इंटरनेट पर ‘झालमुड़ी’ बना बड़ा ट्रेंड

पीएम मोदी के झालमुड़ी स्टॉल पर पहुंचने की इस घटना के बाद देशभर में यह पारंपरिक स्ट्रीट फूड अचानक चर्चा के केंद्र में आ गया है। सोशल इंटरनेट मीडिया से लेकर सर्च इंजनों तक “झालमुड़ी”, “झाड़ग्राम का झालमुड़ी” और “नरेंद्र मोदी व झालमुड़ी” जैसे शब्द लगातार ट्रेंड कर रहे हैं। लोग इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं, जिससे यह मुद्दा राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।

PM Modi Jhargram Jhalmuri Visit Boosts Street Food Trend6 (1)

पीएम मोदी अचानक पहुंचे झालमुड़ी की दुकान

चुनावी रोड शो का काफिला रुकने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीधे कॉलेज मोड़ स्थित एक छोटी सी झालमुड़ी की दुकान पर पहुंच गए। उन्होंने मुस्कुराते हुए दुकानदार से कहा—“भाई, झालमुड़ी खिलाओ।” यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग आश्चर्यचकित रह गए और मौके पर भीड़ जुटने लगी।

विक्रेता विक्रम साव रह गया हैरान

दुकानदार विक्रम साव उस समय भावुक और हैरान रह गया जब उसने अपने सामने प्रधानमंत्री को देखा। वह बिहार के गयाजी का रहने वाला है। पीएम नरेन्द्र मोदी ने बिना देर किए 10 रुपये की झालमुड़ी का ऑर्डर दिया। विक्रम के सामाने पीएम नरेन्द्र मोदी। बस क्या था खूब होने लगी चर्चा। इंटरनेट पर पोस्ट, शेयर और कमेंट। 

पारंपरिक स्ट्रीट फूड से राष्ट्रीय चर्चा तक

झालमुड़ी को बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों का पारंपरिक स्ट्रीट फूड माना जाता है। खासकर बिहार में यह बेहद लोकप्रिय नाश्ता है। भागलपुर, बांका और आसपास के जिलों में लगभग हर 100 मीटर की दूरी पर झालमुड़ी की दुकानें मिल जाती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी लोकप्रियता और भी अधिक है।

भागलपुर और आसपास के इलाकों में मजबूत पकड़

कजरैली, जगदीशपुर, नाथनगर, चंपानगर, रजौन, बौंसी, अमरपुर, कहलगांव, नवगछिया, देवघर, बासुकीनाथ, हंसडीहा, साहिबगंज और पीरपैंती, शिवनारायणपुर जैसे क्षेत्रों में झालमुड़ी की कई दुकानें वर्षों से संचालित हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार यह न केवल सस्ता और स्वादिष्ट नाश्ता है, बल्कि हर वर्ग की पहली पसंद भी बना हुआ है। लोगों से आपने कई बार सुना होगा, झालमुड़ी खाना हो तो भागलपुर आइए। 

कजरैली का झालमुड़ी स्वाद के लिए मशहूर

भागलपुर-अमरपुर मार्ग पर स्थित कजरैली बाजार में वर्षों से झालमुड़ी की बिक्री हो रही है। यहां की चार-पांच दुकानों पर मिलने वाला स्वाद लोगों को खासा पसंद आता है। कजरैली की झालमुड़ी में चना की घुघनी, अंकुरित चना, मूंग और मटर का इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही विशेष मसालेदार झाल और बेसन-चना की पकौड़ी इसका स्वाद बढ़ाते हैं। इस मार्ग से गुजरने वाले अधिकांश लोग यहां रुककर झालमुड़ी का स्वाद जरूर लेते हैं। तीखी मिर्च और मसालों का मिश्रण इसे और लाजवाब बनाता है।

झाड़ग्राम की घटना से बढ़ी पहचान

झाड़ग्राम की यह घटना अब सिर्फ एक चुनावी कार्यक्रम का हिस्सा नहीं रही, बल्कि इसने झालमुड़ी को राष्ट्रीय चर्चा में ला दिया है। पीएम मोदी के अचानक स्टॉल पर पहुंचने का दृश्य अब स्ट्रीट फूड की पहचान को नया आयाम दे रहा है।

भागलपुर में भी बढ़ी लोकप्रियता

इधर भागलपुर में भी झालमुड़ी की मांग लगातार बढ़ती दिख रही है। शहर के बाजारों और चौक-चौराहों पर दुकानों पर भीड़ पहले से अधिक देखी जा रही है। मिथिलेश और रामबली जैसे स्थानीय दुकानदार बताते हैं कि हाल के दिनों में बिक्री में तेजी आई है। लोग शाम के समय या काम से लौटते वक्त इसका स्वाद लेना पसंद कर रहे हैं।

स्वाद के साथ बदलती पहचान

दुकानदारों का कहना है कि झालमुड़ी अब केवल एक साधारण नाश्ता नहीं रह गया है, बल्कि यह एक ट्रेंडिंग पारंपरिक स्ट्रीट फूड के रूप में पहचान बना चुका है। इसमें मिर्च, नींबू, प्याज और मसालों का अनोखा मिश्रण लोगों को खासा आकर्षित करता है। कई स्थानों पर इसमें चना की घुघनी, अंकुरित चना और मूंग का भी उपयोग किया जाता है, जिससे इसका स्वाद और अधिक बढ़ जाता है। कुछ जगहों पर इसके साथ पकौड़ी भी परोसी जाती है, जो इसे और खास बनाती है। राय की चटनी के साथ इसका स्वाद और निखर जाता है, जिससे यह नाश्ता और भी लोकप्रिय हो जाता है। कई लोग इसे कोलकाता स्टाइल से जोड़कर भी देखते हैं, जिससे इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है।

राजनीतिक चर्चा तक पहुंचा पारंपरिक स्ट्रीट फूड

स्थानीय चर्चाओं में अब झालमुड़ी का जिक्र केवल खाने तक सीमित नहीं रहा। लोग इसे हल्के अंदाज में ‘सत्ता और स्वाद’ से जोड़कर भी देख रहे हैं। हालांकि दुकानदारों का कहना है कि उनके लिए यह केवल रोज़गार और पारंपरिक व्यवसाय का हिस्सा है, जिसमें असली महत्व स्वाद और ग्राहकों की पसंद का है।

बदलती शहरी और ग्रामीण खानपान संस्कृति

भागलपुर में झालमुड़ी की बढ़ती लोकप्रियता यह भी दर्शाती है कि शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में खानपान की संस्कृति तेजी से बदल रही है। युवा से लेकर बुजुर्ग तक इसे पसंद कर रहे हैं, जिससे यह स्थानीय पहचान का स्थायी हिस्सा बनता जा रहा है।