PM नरेन्द्र मोदी ने शेयर किया माधवी मधुकर झा का 'भवान्यष्टकम'! मां दुर्गा से मांगी शक्ति, सद्भाव व Positive energy
PM Modi Shares Madhavi Madhukar Song: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माधवी मधुकर झा द्वारा गाए गए 'भवान्यष्टकम' स्तोत्र का वीडियो ...और पढ़ें

PM Modi Shares Madhavi Madhukar Song: भागलपुर सबौर की बेटी और गोड्डा की बहू पर गर्व।
HighLights
पीएम मोदी ने माधवी का 'भवान्यष्टकम' वीडियो साझा किया।
भागलपुर की बेटी माधवी को मिली राष्ट्रीय पहचान।
माधवी ने 500 से अधिक स्तोत्रों को स्वर दिया।
दिलीप कुमार शुक्ला, भागलपुर। PM Modi Shares Madhavi Madhukar Song: भागलपुर के सबौर की बेटी और झारखंड के गोड्डा की बहू माधवी मधुकर झा की भक्ति संगीत साधना को उस समय राष्ट्रीय पटल पर ऐतिहासिक पहचान मिली, जब स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी आवाज में गाए गए स्तोत्र का वीडियो अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर साझा किया।
शारदीय नवरात्र की पावन षष्ठी तिथि पर मां कात्यायनी को नमन करते हुए प्रधानमंत्री ने एक्स (पूर्व में ट्विटर), इंस्टाग्राम और फेसबुक पर आदि शंकराचार्य रचित प्रसिद्ध 'भवान्यष्टकम' स्तोत्र का जो वीडियो लिंक पोस्ट किया, उसमें माधवी मधुकर झा की ही दिव्य स्वर-लहरी गूंज रही है। प्रधानमंत्री के इस पोस्ट के बाद भागलपुर से लेकर गोड्डा तक हर्ष और उत्साह का माहौल है।
पीएम मोदी ने मां कात्यायनी को नमन कर साझा किया वीडियो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवरात्र की षष्ठी पर मां कात्यायनी के श्रीचरणों में कोटि-कोटि नमन करते हुए देशवासियों के जीवन में असीम शक्ति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा के संचार की कामना की। इस शुभकामना संदेश के साथ उन्होंने यूट्यूब पर उपलब्ध 'भवान्यष्टकम' का वीडियो साझा किया।
हालांकि पोस्ट में सीधे तौर पर गायिका के नाम का उल्लेख नहीं था, लेकिन वीडियो के थंबनेल और क्रेडिट में माधवी मधुकर झा का नाम और छवि प्रमुखता से प्रदर्शित है। प्रधानमंत्री के पोस्ट करते ही यह वीडियो लाखों लोगों तक पहुंच गया।
'जीवन का सबसे बड़ा तोहफा'
प्रधानमंत्री द्वारा अपनी प्रस्तुति साझा किए जाने पर भावुक होते हुए माधवी मधुकर झा ने कहा, "आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने मेरी आवाज सुनी और उसे देशवासियों के साथ साझा किया, मेरे जीवन और संगीत साधना के लिए इससे बड़ा तोहफा और सम्मान कुछ नहीं हो सकता।
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यह सब केवल और केवल माता रानी की असीम अनुकंपा का फल है।" उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य संस्कृत के समृद्ध आध्यात्मिक साहित्य और श्लोकों को आज की युवा पीढ़ी तक सुगम संगीत के माध्यम से पहुंचाना है।
500 से अधिक स्तोत्रों को दिया स्वर
माधवी बीते एक दशक से अधिक समय से संस्कृत भक्ति संगीत के पुनरुद्धार में जुटी हैं। उन्होंने दुर्गा सप्तशती और आदि शंकराचार्य रचित कई जटिल स्तोत्रों को सरल और मधुर रागों में ढाला है। अब तक वे 500 से अधिक स्तोत्रों को अपनी आवाज दे चुकी हैं। उन्होंने 'मधुरम वृंद' नाम से एक संस्कृत संगीत बैंड भी स्थापित किया है।
2 करोड़ नियमित श्रोता
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उनके भक्ति गीतों को हर महीने करीब दो करोड़ लोग सुनते हैं। अयोध्या के भव्य राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा उत्सव, काशी विश्वनाथ धाम, मिथिलांचल के बड़े सांस्कृतिक मंचों सहित विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस समारोहों में भी वे अपनी प्रस्तुतियां दे चुकी हैं।
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सबौर से निकलकर दिल्ली में बनाई पहचान
माधवी का मायका भागलपुर जिले के सबौर में है। वे यूको बैंक के सेवानिवृत्त अधिकारी की पुत्री हैं। उनका विवाह झारखंड के गोड्डा जिले अंतर्गत पोडैयाहाट प्रखंड के डांडै गांव निवासी पीयूष झा से हुआ है। वर्तमान में वे सपरिवार दिल्ली में रहकर अपनी संगीत साधना को आगे बढ़ा रही हैं।
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बिना किसी औपचारिक शास्त्रीय घराने से जुड़े, केवल संस्कृत के प्रति अगाध प्रेम और ईश्वरीय लगन के बल पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। प्रधानमंत्री द्वारा उनके गीत को साझा किए जाने से अंग और संथाल परगना क्षेत्र के लोग गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
