भागलपुर [अमरेन्द्र कुमार तिवारी]। स्वच्छ भारत मिशन के तहत के तहत जिले के तीन प्रखंडों के 20 गांवों में 54 हजार पौधे लगाए जाएंगे। जरूरतमंद स्थानों पर इसकी सुरक्षा बांस गैवियन के माध्यम से की जाएगी। इस पर एक करोड़ 45 लाख 71 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा बसंतकालीन पौधरोपण योजना की भी डीपीआर तैयार की गई है जो चार करोड़ 70 लाख रुपये की है। इस योजना में 112 हेक्टेयर में सड़क किनारे 33,600 पौधे बांस गैवियन में लगाए जाएंगे। इसका क्षेत्र नवगछिया, सुल्तानगंज, शाहकुंड, कहलगांव, नाथनगर, खरीक एवं परबत्ता होगा।

किसान भी बनेंगे सहभागी

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के रेंजर बीके सिंह ने कहा कि जिले के गंगा किनारे के गांव से लेकर सड़कों तक विभाग ने पौधरोपण की मुकम्मल योजना तैयार कर ली है। इसमें राष्ट्रीय वानिकी योजनाओं से जुड़े किसानों को भी सहभागी बनाया जाएगा। हरियाली बढऩे से जिले की सूरत बदलेगी। पर्यावरण स्वच्छ होगा और लोगों को बेहतर प्राण वायु मिलेगा।

एक लाख पौध किसानों में होगा वितरण

जिले के नवगछिया में पौधशाला तैयार की जा रही है। जहां 50 हजार फलदार एवं इमारती लकडिय़ों के पौधे तैयार किए जाएंगे। इसी तर्ज पर मायागंज में 25-25 हजार क्षमता के दो छोटे नर्सरी तैयार किए जाएंगे। उक्त नर्सरियों में तैयार एक लाख पौधों का वितरण कृषि वानिकी योजना से जुड़े किसानों के बीच हरियाली बढ़ाने एवं पर्यावरण की सुरक्षा के लिए किया जाएगा।

65 हजार लगाए गए थे पौध

पिछले वर्ष भी विभाग ने वर्षाकालीन पौधरोपण से नमामि गंगे योजना अंतर्गत जिले के भागलपुर एवं नवगछिया प्रक्षेत्र में 65 हजार पौध लगाए गए हैं। पौधों की सुरक्षा बांस गैवियन से किया गया है। भागलपुर-जगदीशपुर मार्ग में 12 हजार, नाथनगर-शाहकुंड मार्ग में नौ हजार, सुल्तानगंज मेंं कमरगंज- आसियानाचक में छह हजार व कहलगांव में अनादिपुर-बटेश्वर स्थान तक नौ हजार पौध बांस गैवियन में लगाए गए थे। इससे जिले का शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में हरियाली बढ़ी है। सड़कों के किनारे लगे पौधों के बड़े होने से इसकी छाया राहगीरों को भी सुकून पहुंचाने लगी है। इससे पर्यावरण शुद्ध हो रहा है। मिट्टी क्षरण की समस्या भी कम हो रही है।

मुख्यमंत्री कृषि वानिकी योजना के तहत भी ढाई लाख पौध किसानों के बीच वितरित किए गए हैं। जिसमें सागवान, महोगनी, कदम एवं आम सहित अन्य शामिल है।

Posted By: Dilip Shukla