भागलपुर [बलराम मिश्र]। पासपोर्ट का आवेदन करने के बाद लोगों को पुलिस जांच के लंबे इंतजार से छुटकारा मिल जाएगा। आवेदन पत्रों की जांच अब 'मोबाइल पासपोर्ट पुलिस एप' से होगी। गृह विभाग के अवर सचिव गिरीश मोहन ठाकुर ने गुरुवार को नए एप के जरिए पासपोर्ट वेरीफिकेशन करने के लिए सूबे के सभी थानों व पुलिस चौकी में एक-एक टेबलेट खरीद के लिए राशि जारी कर दी है। जिसके जरिए 'मोबाइल पासपोर्ट पुलिस एप' की मदद से आवेदनों का वेरीफिकेशन आसानी से हो पाएगा।

लंबे इंतजार से मिलेगी मुक्ति

अभी तक पासपोर्ट का ऑनलाइन आवेदन करने के बाद पुलिस वेरीफिकेशन रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। आवेदक को पुलिस ऑफिस, थानों व पुलिस चौकी का चक्कर लगाना पड़ता है। कई बार पुलिस अनावश्यक रूप से जांच में विलंब करती है। लेकिन नई व्यवस्था के तहत इन सब झंझटों से लोगों को निजात मिलेगी। एप से सत्यापन में अधिक से अधिक एक सप्ताह लगेगा। वर्तमान में पुलिस वेरीफिकेशन में एक माह का भी समय लग जाता है। इसके लिए 33 दिन निर्धारित किए गए हैं।

पुलिसकर्मियों को दी जाएगी ट्रेनिंग

पासपोर्ट आवेदनों को मोबाइल एप के जरिए टेबलेट के माध्यम से वेरीफिकेशन करने के लिए पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा। पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित करने में क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी व टाटा कन्सटेंसी सर्विस (टीसीएस) के अधिकारी को भी लगाया जाएगा। ताकि इस प्रक्रिया को शुरू करने में किसी तरह की दिक्कत का सामना ना करना पड़े।

पारदर्शिता के साथ भ्रष्टाचार पर अंकुश

'मोबाइल पासपोर्ट पुलिस एप' के माध्यम से पासपोर्ट वेरीफिकेशन किए जाने की कार्यवाही से इसमें पारदर्शिता के साथ भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा। कई बार शिकायतें आती है कि पासपोर्ट वेरीफिकेशन के नाम पर थानों, पुलिस चौकी या पुलिस ऑफिस में आवेदकों से जल्दी के नाम पर रुपये वसूल लिए जाते हैं। लेकिन इस एप से ऐसी शिकायतों से मुक्ति मिलेगी।

ऐप से सीधे थाने को मिलेगा आवेदन

इस एप से फायदा होगा कि पासपोर्ट का आवेदन सीधा संबंधित थानों या पुलिस चौकी को मिलेगा। सभी थानों और पुलिस चौकी का अलग यूजर आइडी और पासवर्ड निर्धारित होगा। वर्तमान में आवेदन डाक द्वारा पहले पुलिस कार्यालय फिर वहां से थानों व पुलिस चौकी को उपलब्ध कराए जाते हैं। इसमें काफी समय लगता है। वहीं थानों में आवेदकों के भौतिक सत्यापन और ऑनस्पॉट आवेदक की फोटो और हस्ताक्षर को टेबलेट पर एप की मदद से अपलोड करना होगा। संबंधित पुलिस पदाधिकारी को डिजीटल हस्ताक्षर कर अपलोड करना होगा।

आवेदन पत्रों की पुलिस वेरीफिकेशन रिपोर्ट (पीवीआर) तेजी से संबंधित विभाग तक पहुंचेगी। जिससे पासपोर्ट मिलने में लोगों को ज्यादा समय नहीं लगेगा।

Posted By: Dilip Shukla

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