जमुई [अरविंद कुमार सिंह]। क्‍या मां के जन्‍म के पहले उसके बेटे का जन्‍म हो सकता है? चौंकिए नहीं, बिहार के जमुई में ऐसा ही एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है। यहां 59 साल की मां को 61 साल का बेटा है। इसका राज खुला तो पूरे गांव में हड़कम्‍प मच गया।

ऐसे उजागर हुआ मामला

मामला तब उजागर हुआ, जब जमुई जिले के सिकंदरा प्रखंड की महादेव सिमरिया पंचायत के धनवे गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 76 की सेविका कुंती देवी के विरुद्ध गांव के ही रत्नाकर सिंह ने उम्र छिपाकर सेविका पद पर बने रहने की शिकायत की।

शिकायत की जांच में यह तथ्य सामने आया कि 30 अप्रैल 2018 को ही कुंती देवी के पुत्र दिवाकर सिंह पौधा संरक्षण विभाग से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनकी सेवा पुस्तिका में उनकी जन्मतिथि एक मई 1958 है। जबकि, कुंती देवी ने आंगनबाड़ी सेविका बनने के लिए अपनी उम्र बेटे से तीन साल कम दिखाई थी।

उसने खुद की उम्र 58 साल प्रमाणित करने के लिए जमुई सदर अस्पताल के मेडिकल बोर्ड का प्रमाण पत्र संलग्न कर दिया था।

सवालों के घेरे में मेडिकल बोर्ड

अब उम्र की जांच करने वाला मेडिकल बोर्ड भी सवालों के घेरे में है। सवाल उठता है कि किन परिस्थितियों में मेडिकल बोर्ड ने 80 साल की महिला को 58 साल का प्रमाणित किया। मेडिकल बोर्ड में सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. नौशाद अहमद, सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार एवं डॉक्टर नगीना पासवान शामिल थे।

मेडिकल बोर्ड पर भी होगी कार्रवाई

जमुई के जिलाधिकारी धर्मेंद्र कुमार कहते हैं कि उम्र छिपाने के लिए सेविका पर कार्रवाईकी जा रही है। साथ ही इसमें मदद करने को लेकर मेडिकल बोर्ड के विरुद्ध भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Amit Alok

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