मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

भागलपुर [जेएनएन]। जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में एचआइवी पीड़ित महिला मरीज के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर परिजन और समर्थकों ने मंगलवार को हंगामा किया। इस बीच बीच-बचाव करने पहुंचा वार्ड अटेंडेंट की सभी ने जमकर पिटाई कर दी। इसके बाद इमरजेंसी गलियारे में अफरातफरी मच गई। सुरक्षा कर्मियों ने अटेंडेंट को किसी तरह भीड़ से बचाया। हंगामे के बाद मरीज को जूनियर चिकित्सकों ने इलाज किया। अधीक्षक ने मामले को गलत ठहराते हुए जांच के आदेश दिए हैं।

दरअसल, 31 मार्च को नवगछिया निवासी ट्रक चालक ने पत्‍नी को तेज बुखार की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती कराया था। चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद मीरा को मेडिसिन विभाग रेफर कर दिया। मंगलवार की दोपहर महिला का बुखार और तेज हो गया। हालत बिगडता देख परिजन उसे मेडिसीन से उठाकर इमरजेंसी लेकर पहुंचे। जूनियर चिकित्सक वार्ड में मरीज का चेकअप कर रहे थे। परिजन ने बताया कि कई बार कहने के बाद भी मरीज पर ध्यान नहीं दिया गया। इसके बाद चिकित्सक के सभी मरीज को लेकर जाने लगे अटेंडेंट ने रोक दिया। इससे गुस्साए परिजनों ने अटेंडेंट की पिटाई कर दी। इसमें अटेंडेंट को पीठ और चेहरे में हल्की चोट आई है। उसे भी इमरजेंसी में मरहम पट्टी किया गया। अटेंडेंट ने बताया कि परिजनों से कहा गया कि कुछ देर इंतजार करें। चिकित्सक आ रहे है। इस बात पर सभी ने पिटाई कर दी।

जूनियर के समझाने पर मानें सभी : परिजन जूनियर चिकित्सक के आश्वासन पर मानें। जूनियर चिकित्सकों ने बताया कि एचआइवी मरीज को जब बुखार आता है तो उसको उतरने में समय लगता है। दवा से ही बुखार को काबू में किया जा सकता है। हंगामा से कुछ हासिल नहीं होता।

अधीक्षक डॉ. आरसी मंडल ने कहा कि मामले की जांच को कहा गया है। ऐसी घटनाएं सही नहीं है। चिकित्सक तैनात थे, मरीज के परिजनों को मारपीट और हंगामा नहीं करना चाहिए।

निजी अस्पताल में मरीज को ले जाने पर आशा कार्यकर्ता में मारपीट
सदर अस्पताल में भर्ती महिला मरीज को निजी अस्पताल में ले जाने की बात पर सोमवार की रात दो आशा कार्यकर्ता आपस में भिड़ गई। देखते ही देखते दोनों में मारपीट शुरू हो गई। हंगामा सुनकर अस्पताल कर्मी पहुंचे और दोनों को शांत कराया। अस्पताल प्रभारी डॉ. एके मंडल ने इस संबंध में हेल्थ मैनेजर से जांच रिपोर्ट मांगी है। दरअसल, सोमवार की रात इशाकचक की एक महिला प्रसव कराने पहुंची थी। जहां, पोषक क्षेत्र वाली आशा ने मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने के साथ-साथ देखभाल कर रही थी। रात 11 बजे आशा किसी काम से बाहर गई। इसके बाद दूसरी आशा कार्यकर्ता पहुंची और महिला को बहलाकर निजी नर्सिग होम में भर्ती करा दिया। 12 बजे के पास जब बाहर गई आशा कार्यकर्ता पहुंची तो मरीज को नहीं देखकर पूछताछ की तो निजी नर्सिग में भर्ती कराने की बात पता चला। इसके बाद दोनों में मारपीट शुरू हो गई। कर्मचारियों ने मारपीट की जानकारी हेल्थ मैनेजर जावेद मंजूर को दिया। फिर मैनेजर ने मामले का शांत कराया।

Posted By: Dilip Shukla

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप