भागलपुर [कौशल किशोर मिश्र]। कश्मीर घाटी में आतंकी गतिविधियां फैलाने में नाकाम और बदनाम पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ अब देश के भीतर फिदाइन हमले की काली योजना बना रही है। खुफिया एजेंसियों को तकनीकी निगरानी में आत्मघाती दस्ते को सीमा पार कराने की तैयारी के बारे में जानकारी मिली है।

खुफिया सूत्रों के मुताबिक आइएसआइ अपने एजेंटों के जरिए पश्चिम बंगाल से लगने वाली बांग्लादेश सीमा से कुछ आतंकियों को प्रवेश कराने की तैयारी में है। कहा जा रहा है कि हाल में बांग्लादेश सीमा के करीब जारीधरला और धारीबोश गांव में ऐसी गतिविधियों की हलचल से खुफिया अधिकारी सतर्क हुए हैं। उनकी रिपोर्ट पर बांग्लादेश सीमा पर चौकसी दे रहे बीएसएफ जवानों को सतर्क कर दिया गया है। बार्डर के नजदीकी गांवों पर भी नजर रखी जा रही है।

फिदाइन हमले की योजना बनाने वाली आइएसआइ का निशाना देश के प्रमुख रक्षा संस्थानों, गोला-बारूद भंडार, देश के प्रमुख नेता और अधिक भीड़ वाले स्थान हो सकते हैं। इसकी भनक मिलने पर खुफिया एजेंसी बांग्लादेश बार्डर पर तैनात बीएसएफ, स्थानीय पुलिस के अलावा सभी पुलिस मुख्यालयों और सीमा की सुरक्षा में लगे एसएसबी जवानों को भी अलर्ट किया है। अब तक पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी बांग्लादेश सीमा से सटे धुलियान, कलियाचक समेत सीमांचल और नेपाल सीमा से जाली करेंसी की डिलीवरी भारत में कराती रही थी।

भागलपुर पुलिस ने भी खुफिया अधिकारियों से मिले इनपुट पर तीन मई 1994 को आइएसआइ से पाकिस्तान में प्रशिक्षण लिए दस आतंकियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से एक क्विंटल विस्फोटक समेत हथियार की बरामदगी हुई थी। तब मुहम्मद सलालुद्दीन समेत दस की गिरफ्तारी हुई थी। सूबे का पहला टाडा मामला भागलपुर में ही दर्ज किया गया था।

एसएसपी आशीष भारती ने बताया कि कुछ अन्य अपराधियों पर भी इनाम का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है। जिला पुलिस लगातार पप्पू सिंह को पकडऩे का प्रयास कर रही है। वह आधा दर्जन मामलों में वांछित है। गौरतलब है कि 18 अप्रैल को पप्पू सिंह ने सन्हौला इलाके के दोगच्छी गांव से तेरह साल की नाबालिग का शादी की नीयत से अपहरण कर लिया था। पिस्टल के बल पर मंदिर में उसकी मांग भर दी और तस्वीर को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

पुलिस के हाथ आते आते रह गया था पप्पू सिंह

20 नवंबर 2018 को कहलगांव पुलिस को सूचना मिली की पप्पू सिंह बांका जिले के रजौन स्थित सिंहनान गांव में एक घर में छिपा हुआ है। पुलिस दल बल के साथ छापेमारी के लिए पहुंची। सजौर पुलिस को भी साथ कर लिया लेकिन सजौर थाने से किसी ने छापेमारी की सूचना लीक कर दी। इस कारण जब पुलिस सिंहनान पहुंची तो वहां से पप्पू सिंह भाग निकला था। सजौर पहुंचने से पहले तक पप्पू अपने ठिकाने पर ही था। सजौर से निकलने के बाद ही सूचना लीक हुई थी। इस मामले में डीआइजी विकास वैभव के निर्देश पर जांच भी चल रही है।

 

Posted By: Dilip Shukla

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