विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 27, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिहार में तेजी से बढ़ रही HIV मरीजों की संख्‍या, मुंगेर में चार महीने में मिले 53 नए मरीज

By Abhishek KumarEdited By:
Published: Fri, 27 May 2022 03:52 PM (IST)

बिहार में एचआइवी के मरीजों की संख्‍या तेजी से बढ़ रही है। पिछले चार महीने में मुंगेर में 53 नए ...और पढ़ें

मुंगेर में 53 नए मरीज मिले हैं।
मुंगेर में 53 नए मरीज मिले हैं।

संवाद सहयोगी, मुंगेर। जिले में पांच माह के दौरान एड्स के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। चार माह के आंकड़ें ने पिछले वर्षाें रिकार्ड को छू लिया है। जिले के असरगंज, बरियारपुर, संग्रामपुर, सदर प्रखंड और तारापुर प्रखंड के गांवों में आधा दर्जन से ज्यादा बच्चों में जन्म लेने के बाद एचआइवी के लक्षण मिले हैं। इन बच्चों के पिता परदेस में रोजगार करते हैं।

सभी एड्स पीडि़त थे। घर लौटने के बाद पत्नी भी संक्रमित हो गई। एक मजदूर ने कहा पंजाव में काम करने के दौरान एक ही कमरे में कई लोग साथ में रहते थे। 2021 की होली में घर आए।कुछ दिन बाद उनकी तबीयत खराब हुई। इलाज कराने गए तो उन्हें एचआइवी जांच की सलाह दी गई। जांच में उनकी रिपोर्ट पाजिटिव आई, फिर पत्नी की जांच कराई तो वह भी संक्रमित निकली। जनवरी में बेटे का जन्म हुआ, वह भी इस गंभीर बीमारी की चपेट में आ गया।

अभी सभी को दवा दी जा रही है। उनके खानपान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दरअसल, जिले में 2020 तक एड्स मरीजों की संख्या 20 थी। 2021 में एड्स के 59 नए मरीज मिले। इनमें 30 पुरुष व 29 महिलाएं हैं। 2022 में अप्रैल तक 43 और 10 बच्चे है। अधिकांश एड्स पीडि़त वैसे लोग हैं जो परदेस में काम करते हैं। कुल मिलाकर जिले में 373 मरीज निबंधित हैं।

अस्पताल से दी जा रही दवाएं

सदर अस्पताल में संचालित एआरटी सेंटर (एंटी रेट्रोवायरल ट्रीटमेंट सेंटर) की प्रभारी कौसलर अमृता सिंह ने बताया कि दवा के अलावा एचआइवी मरीजों के पास और कोई दूसरा विकल्प नहीं है। एचआइवी मरीजो को समय -समय पर दवा दी जाती है। और पोषणहार के लिए हर माह 1500 रुपये दिए जाते है। 2022 में एचआइवी मरीजो की संख्या में अत्यधिक वृद्धि हुई है।

केस स्टडी : 1

लुधियाना से तारापुर लौटे एक श्रमिक की तबीयत खराब हो गई। पति के बाद पत्नी की तबीयत भी बिगड़ गई। महिला दो माह के गर्भ से थी। दोनों इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचे। जांच में रिपोर्ट पाजिटिव आई। सितंबर में बेटी का जन्म हुआ, बच्ची भी संक्रमण की चपेट में आ गई।

केस स्टडी : 2

पंजाब से असरगंज लौटे एक मजदूर की अचानक तबियत खराब होने पर उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल भरती कराया गया। बाद में उसकी पत्नी में बीमार हो गई उसे भी अस्पताल पहुंचाया गया। जहां जांच के बाद पता चला कि दोनो एचआइवी पाजिटिव है।