भागलपुर । मच्छर जनित बीमारियों से हर साल कई लोग बीमार हो जाते हैं। कई की जान भी चली जाती है, लेकिन नगर निगम के लिए लोगों की जान कोई मायने नहीं रखता है। शहर में मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है लेकिन नगर निगम इससे बेफिक्र है। अब तक फॉगिंग भी नहीं कराई गई है। यही हाल मलेरिया विभाग का है। मच्छरों को नष्ट करने वाली स्प्रे मशीन विभाग के कमरे में बंद है, जबकि इस वर्ष जनवरी से जुलाई तक जिले में 17 लोग मलेरिया से पीड़ित हो चुके हैं।

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प्रतिवर्ष मलेरिया से भी पीड़ित होते हैं लोग

प्रतिवर्ष मलेरिया से लोग पीड़ित होते रहे हैं। 2016 में 176 मलेरिया से लोग पीड़ित हुए। भागलपुर में 67, पीरपैंती में 22 पीड़ित थे। वहीं, 2017 में 31 लोग मलेरिया से पीड़ित हुए। 2018 में 10 लोग पीड़ित हुए। इस वर्ष जनवरी से लेकर जुलाई तक में 17 लोग पीड़ित हुए। डेंगू से पीड़ितों के आंकड़े जिला मलेरिया विभाग के पास नहीं है। जो भी आंकड़े हैं जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) में इलाज करवाने वाले पीड़ितों की संख्या पर आधारित है।

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स्प्रे मशीन कमरा में बंद

जिला मलेरिया विभाग में पांच स्प्रे मशीन है, लेकिन महीनों से उसका उपयोग नहीं किया गया है। अगर किसी क्षेत्र में डेंगू या मलेरिया से पीड़ितों की संख्या पांच से ज्यादा है तभी स्प्रे किया जाएगा। इस तरह की रिपोर्ट विभाग के पास नहीं आने से स्प्रे नहीं किया जा रहा है।

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जलजमाव के चलते तेजी से बढ़ रहे मच्छर

नगर निगम शहर में फॉगिंग नहीं करा रहा है। हालांकि कि 10 दिन पहले फॉगिंग करवाने का दावा नगर निगम के सफाई प्रभारी ने किया है। नगर निगम के अधीन 51 वार्ड हैं। शहर में कई गढ्डे हैं जो वर्षा के पानी से भरे हैं। उन गढ्डों को भी नगर निगम ने नहीं भरा है। न ही वहां स्प्रे किया गया है। गढ्डों में मच्छर तेजी से बढ़ते हैं।

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कोट :

मच्छरों को मारने के लिए नगर निगम को पत्र दिया गया है। सरकार द्वारा ही यह व्यवस्था की गई है कि नगर निगम द्वारा ही फॉगिंग कराया जाएगा।

डॉ. मनोज कुमार चौधरी

प्रभारी, मलेरिया विभाग

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कोट :

जोनल प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि फॉगिंग के लिए वार्डो का रोस्टर बनाएं। नगर आयुक्त से अनुमति मिलने के बाद फॉगिंग कराई जाएगी।

मो. रेहान, सफाई शाखा प्रभारी, नगर निगम

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कोट :

मादा एनाफिलीज के मच्छर के काटने से मलेरिया बुखार होता है। इसमें शाम को ठंड के साथ बुखार आता है, पसीना भी ज्यादा निकलता है। कमजोरी महसूस करना मलेरिया होने के लक्षण हैं। गढ्डों में पानी जमने नहीं दें, लार्वा को नष्ट करने के लिए स्प्रे करें या गढ्डों को मिट्टी से भर दें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।

डॉ. विनय कुमार झा

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