भागलपुर। यह कैसी आपदा आ पड़ी, जिसके डर से गांव की हर चौपाल पर सन्नाटा है। हर कोई कोरोना वायरस से बचाव को लेकर चिंतित है। इसका असर खेती-किसानी पर भी दिखने लगा है। लॉकडाउन के कारण मजदूर नहीं मिल रहे हैं, जबकि गेहूं, सरसों सहित अन्य रवि फसल पक कर तैयार है। किसानों को डर सता रहा है कि अगर आंधी-बारिश हुई तो सारा फसल चौपट हो जाएगा।

किसानों ने बताया कि इस साल आंधी-बारिश के कारण पहले ही काफी नुकसान हुआ है। अब लॉकडाउन के कारण फसलों की कटाई के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। किसानों की सुने

1. गेहूं और सरसों की कटाई शुरू हो गई है। कोरोना के डर से खेतों में मजदूर कम आ रहे हैं। इससे परेशानी बढ़ गई है। मजदूरों को बुलाने में भी डर लगता है।

-प्रकाश मिश्रा 2. समय पर फसलों की कटाई नहीं हुई तो काफी परेशानी होगी। आंधी-बारिश से फसल पूरी तरह चौपट हो जाएगा। कोरोना के कारण समस्याएं बढ़ गई हैं।

-संजय मिश्रा

3.सारी पूंजी खेतों में लगी है। पके फसल की तैयारी कराने में परेशानी हो रही है। ऐसा संकट अपने जीवन काल में कभी नहीं देखा था।

-उत्सव सिंह 4.कोरोना की वजह से अब किसानों के सामने आíथक के साथ खाद्यान संकट भी उत्पन्न हो जाएगा। ऐसे में दोहरी मार पड़ रही है।

-अजय मिश्रा 5. फसल की कटाई के समय हर साल शहरों में कमाने वाले मजदूर गांव लौट आते थे। इससे उन्हें गांव में ही रोजगार मिल जाता था। इस बार लॉकडाउन के कारण वे लोग नहीं आ पाए।

-प्रभाष चंद्र मिश्रा

6. फसल कटाई के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। अब खेती घाटे का सौदा बन गया है। मौसम का मिजाज बदला तो घर तक अनाज ला पाना भी मुश्किल होगा।

-मृगेंद्र प्रसाद सिंह

Posted By: Jagran

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