भागलपुर। सबौर से मिर्जाचौकी के बीच एनएच-80 विभाग और ठीकेदार के लिए कामधेनू बन गया है। 60 किलोमीटर सड़क निर्माण पर दो साल पहले 70 करोड़ खर्च किए गए थे, लेकिन रोड अब पूरी तरह गढ्डे में तब्दील हो गया। अब सड़क निर्माण पर फिर से 160 करोड़ खर्च की जाएगी।

सबौर इंजीनियरिग कॉलेज से रमजानीपुर के बीच 48 करोड़ की लागत से सड़क व मसाढ़ू पुल का बनाने का ठेका पलक इंफ्रा को मिला था। अभियंता द्वारा गुणवत्ता की जांच के बाद सबौर से रमजानीपुर तक सड़क निर्माण के एवज में 30 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। लेकिन, बनने के कुछ दिन बाद ही सड़क टूटने लगी। सड़क पर बड़े-बड़े गढ्डे बन गए। मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति होती रही। नतीजतन, दो साल में ही सड़क ने दम तोड़ दिया। आमापुर और शाहपुर के बीच तक सड़क पूरी तरह जर्जर हो गई है। पांच किलोमीटर सड़क पैदल भी चलने के लायक नहीं है। गड्ढों में जलजमाव के कारण गाड़ियां दुर्घटनाग्रस्त हो रही है। गुरुवार को भी एक ट्रक पलट गया। वहीं, भूमि अधिग्रहण के अभाव में मसाढ़ू पुल का निर्माण नहीं हो सका है। भू-अर्जन की राशि 85 लाख रुपये आवंटित भी कर दी गई है। पुल के निर्माण आठ करोड़ रुपये खर्च होगा।

पीरपैंती से मिर्चाचौकी तक सड़क पर 20 करोड़ खर्च

वहीं पीरपैंती से मिर्जाचौकी के बीच 20.69 करोड़ रुपये खर्च कर सड़क बनाई गई थी। विभाग द्वारा ठीकेदार को 14 करोड़ रुपये भुगतान भी किया गया। इस सड़क के निर्माण की गुणवत्ता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि दो साल भी नहीं चल सकी। सड़क खराब हो गई। मरम्मत कर सड़क चलने लायक बना दी गई। लेकिन, कुछ दिन बाद ही वाहनों के दबाव में शाहबाद, पत्थल खान, योगियाताल, पकड़िया, ईश्वरनगर, मंजरोही व मकरंदपुर के पास सड़क खराब हो गई। अब सड़क को नए सिरे से बनाई जाएगी। जिसपर 160 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

सबौर और घोघा के बीच 10 मीटर चौड़ी बनेगी सड़क

134.80 करोड़ की लागत से सबौर से घोघा पक्की सराय के बीच 14 किलोमीटर तक 10 मीटर सड़क चौड़ी होगी। फ्लैंक (सड़क का किनारा) को नुकसान से बचाने के लिए 16 एमएम के छड़ का उपयोग किया जाएगा। सड़क के दोनों ओर डेढ़-डेढ़ मीटर फुटपाथ व जलजमाव की समस्या के समाधान के लिए 15 किमी ढक्कन युक्त नाला का निर्माण होगा। बाढ़ग्रस्त क्षेत्र होने के कारण डेढ़ फीट उंची सड़क बनाई जाएगी। वहीं पीरपैंती से मिर्जाचौकी के बीच सड़क को खोदकर नए सिरे से बनाई जाएगी। बिटुमिनस (अलकतरा) सड़क बनेगी। इस सड़क के निर्माण में 25 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

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कोट

मंत्रालय से प्राक्कलन को स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

-मनोरंजन कुमार पांडेय, कार्यपालक अभियंता, एनएच विभाग।

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