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भागलपुर में सांस्कृतिक कार्यक्रम देखकर सोए नवविवाहित युवक की संदिग्ध मौत; 5 महीने पहले हुई थी शादी

Published: Thu, 22 Oct 2026 11:06 AM (GMT+05:30)

भागलपुर के नारायणपुर में सांस्कृतिक कार्यक्रम देखकर सोए एक नवविवाहित युवक रमेश कुमार की अचानक मौत हो गई। पांच महीने ...और पढ़ें

नारायणपुर के चौहद्दी गांव में नवविवाहित युवक की अचानक मौत

नारायणपुर के चौहद्दी गांव में नवविवाहित युवक की अचानक मौत

HighLights

  1. नवविवाहित युवक रमेश कुमार की अचानक मौत हुई।

  2. सांस्कृतिक कार्यक्रम देखकर घर लौटकर सोया था युवक।

  3. पांच महीने पहले हुई थी शादी, मां का भी निधन।

संवाद सूत्र, नारायणपुर (भागलपुर)। भागलपुर जिले के नारायणपुर प्रखंड अंतर्गत चौहद्दी गांव में बुधवार की सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई। घर के पास स्थित मां दुर्गा मंदिर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम देखकर सोए नवविवाहित युवक की अचानक मौत हो गई।

मृतक की पहचान चौहद्दी निवासी प्रेम लाल साह के पुत्र रमेश कुमार के रूप में हुई है। युवक की शादी महज पांच माह पहले ही हुई थी। घटना की जानकारी मिलते ही मंदिर परिसर में चल रहे मेले के तमाम गीत-संगीत व सांस्कृतिक आयोजन तत्काल प्रभाव से रोक दिए गए और पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया।

भोर में कार्यक्रम देख लौटा, सुबह नहीं खुली नींद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार की अहले सुबह करीब तीन बजे रमेश अपने घर के समीप स्थित मां दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित मेले में बच्चों का सांस्कृतिक कार्यक्रम देख रहा था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वह सामान्य रूप से अपने घर लौटा और कमरे में जाकर सो गया।

सुबह जब काफी देर तक वह कमरे से बाहर नहीं निकला, तो परिजनों ने उसे जगाने का प्रयास किया। शरीर में कोई हरकत न देखकर परिजन घबरा गए और आनन-फानन में उसे तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) नारायणपुर ले गए। हालांकि, अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। अचानक हुई इस अप्रत्याशित मौत से हर कोई स्तब्ध है।

पांच माह पहले उठी थी डोली, अब पसरा मातम

रमेश की शादी अभी महज पांच महीने पहले ही धूमधाम से संपन्न हुई थी। हाथों की मेहंदी का रंग अभी ठीक से छूटा भी नहीं था कि मांग का सिंदूर उजड़ जाने से नवविवाहिता पत्नी की चीखों से पूरा माहौल गमगीन हो गया। मृतक के पिता प्रेम लाल साह, भाई जनेश्वर कुमार, श्रीकांत कुमार, तपेश्वर कुमार तथा बहन सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि रमेश बेहद शांत, मिलनसार और सामाजिक स्वभाव का युवक था, जिसका गांव में सभी के साथ बेहद मधुर संबंध था।

सालभर पहले मां ने छोड़ा था साथ, अब बेटे की उठी अर्थी

इस अभागे परिवार पर काल का यह दूसरा सबसे बड़ा प्रहार है। परिजनों ने सिसकते हुए बताया कि पिछले साल दुर्गा पूजा के पांचवें दिन ही रमेश की मां का आकस्मिक निधन हुआ था। परिवार अभी मां के जाने के गहरे सदमे और आंसुओं से उबर भी नहीं पाया था कि ठीक एक साल बाद नवरात्र के इसी पावन समय में जवान बेटे की जान चली गई। एक ही साल के अंतराल में मां और बेटे के असमय काल-कवलित हो जाने से पूरे इलाके की आंखें नम हैं।