जागरण संवाददाता, जमुई: जिले के गिद्धौर रेलवे स्टेशन परिसर में नक्सलियों द्वारा एक पोस्टर चस्पा किया गया है। इस पोस्टर में लिखा है, 'लाल सलाम, आरपीएफ के ठीकेदारों द्वारा जो हो रहा है। उसके बाद अब गोली खाने को तैयार रहो। झाझा जैसा हाल किया जाएगा।' इस पोस्टर को पढ़ते ही ये खबर स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्र में आग की तरह फैल गई। इधर स्टेशन परिसर में दहशत का माहौल व्याप्त है। नक्सलियों ने ये धमकी शराब बिक्री को लेकर दी है।

पोस्टर में आरपीएफ के ठीकेदारों को धमकी देते हुए लिखा गया है कि ये लोग पांच से छह लड़कों का ग्रुप बनाए हुए हैं। आरोप है कि शराब की बिक्री भी इन्हीं के सानिध्य में होती है। इसके एवज में तस्करों से पैसा लिया जाता है। रंगबाजी कर स्टेशन में शराब उतार ली जाती है। क्या गरीब लोगों का हक नहीं है कि वे शराब की बिक्री कर सकें? 

पोस्टर में आगे कहा गया कि इन ठीकेदारों को तत्काल यहां से भगा दिया जाए नहीं तो अंजाम अच्छा नहीं होगा। गोली चलेंगी, गोली। हाल झाझा स्टेशन जैसा होगा। लाल सलाम। गोली खाने के लिए तैयार रहो। 

झाझा स्टेशन की वारदात

साल 2009 में नक्सलियों ने झाझा रेलवे स्टेशन पर हमला किया था। इस हमले में पांच लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसमें चार पुलिसकर्मी सहित एक पार्सल कर्मचारी शामिल था। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के थाना प्रभारी शक्ति वर्मा घायल हो गए थे। नक्सलवादियों ने बुकिंग स्टेशन और स्थानीय पुलिस चौकी पर भी हमला किया था।

यह कोई एक घटना नहीं है। जमुई में नक्सली कई बार रेलवे स्टेशन और रेल लाइन को अपना निशाना बना चुके हैं। पिछले साल स्टेशन मास्टर को बंधक बनाकर नक्सलियों ने ट्रेनों के परिचालन रोकने के लिए कहा था। इस खबर ने काफी सुर्खियां बटोरी। वहीं किउल रेलखंड को उड़ाने की साजिश भी रची गई।

Edited By: Shivam Bajpai