भागलपुर। नर सेवा ही नारायण सेवा है। मानव की आत्मा से ही देवी-देवताओं के तार जुड़े होते हैं। वर्तमान में देश कोरोना महामारी संकट के दौर से गुजर रहा है। इससे बचाव को लेकर पूरा देश लॉकआउट है। जिस कारण विषम परिस्थितियां पैदा हो गई है। मानव संकट में हैं। गरीब, असहाय और दिहाड़ी मजदूरों के सामने भुखमरी की स्थिति है। सरकार ऐसे पीड़ित मानवता की लगातार मदद में लगी है। हमें भी इस दिशा में सामूहिक रूप से हाथ बढ़ाने की जरूरत है।

आइये इस बार हम महज औपचारिक रूप से कन्या पूजन व भोज करें। भोज में काम आने वाले सामग्रियों का वितरण जरुरतमंद लोगों के बीच करें और पूजन में खर्च होने वाले तथा कन्या के उपहार में आने प्राप्त होने वाली राशि को महामारी से लड़ने के लिए प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री राहत कोष में अंशदान करें। ऐसा करने से भी देवी खुश होगी और शुभ फल मिलेगा। उक्त बाते बूंढ़ानाथ के पंड़ित गजेंद्र झा ने कही।

उन्होंने कहा कि चैत्र नवरात्रि में कन्या भोज इस बार अलग तरीके से करें। भक्तजन घर में सांकेतिक कन्या पूजन करें। पूजन के विशेष खर्च को बचाकर कोरोना से बचाव में मददगार बने। बुधवार पहली अप्रैल को महाअष्टमी और गुरुवार दो अप्रैल को महानवमी का पर्व है। हमें पूरा भरोसा है आप शुभ फल की प्राप्ति के लिए इस बार सांकेतिक रूप से कन्या पूजन करेंगे और करोना महामारी की सुरक्षा में मददगार बनेंगे। लॉकडाउन के चलते घर से बाहर नहीं निकलेंगे और दूसरों को भी नहीं निकलने के लिए जागरूक करेंगे। पूजन के क्रम में एक दूसरे से एक मीटर की दूरी बनाए रखेंगे। एक ही जगह पर अधिक लोगों के जमा नहीं होने देंगे। पंड़ित की सलाह पर ही करेंगे कन्या पूजन

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आम के पत्ते, सुपारी या चावल से देवियों का आह्वान करें

पं.गजेंद्र झा के अनुसार कन्या पूजन के लिए आम, पान, केले आदि के पत्ते पर नौ सुपारी रख कर पूजन करें। फूल की जगह अक्षत का उपयोग करें। नौ देवियों का कन्या रूप में आह्वान करें। भोग लगा कर आरती करें। इस तरह सामान्य रूप से कन्या पूजन की विधि की जा सकती है। इसमें किसी तरह का दोष नहीं है। परिवार में सुख शांति के साथ धन्य धान की प्राप्ति होगी। अन्य सभी मनोकामनाएं पूर्ण होगी। महिलाएं बोलीं

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कोरोना वायरस से पूरा देश तबाह हो गया है। कई वषरें से नवरात्र कर रही हूं। इस बार नवरात्र में कन्या पूजन में माता दुर्गा से देश की खुशहाली की मन्नतें मागेंगे। इस त्रासदी में प्रधानमंत्री राहत कोष में कन्या पूजन की राशि राहत कोष में भेजेंगे और दूसरों से भी अपील करेंगे।

-सरोज देवी

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हर साल चैत नवरात्र में कन्या पूजन होता है। इस बार कोरोना की त्रासदी में ज्यादा भीड़ इकट्ठा नहीं करना है। कोरोना को लेकर मुख्यमंत्री के राहत कोष में सहायता राशि देने का मन बनाया है।

-सुप्रिया कुमारी

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नवरात्र के आठवें और नौवें दिन कन्या पूजन होता है। इस बार कोरोना का कहर है। हर दिन माता रानी से इससे बचाव की अपील करती हूं। कन्या पूजन के बाद प्रधानमंत्री राहत कोष में कुछ न कुछ दूंगी।

कृष्णा साह ।

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