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निगल गई बांध, अब रेलवे लाइन की ओर बढ़ी गंगा! नवगछिया के राघोपुर में कटाव से हड़कंप; 40 मीटर गहरी धारा मचा रही तबाही

Published: Thu, 03 Sep 2026 10:21 PM (IST)

नवगछिया के राघोपुर में गंगा नदी का कटाव विकराल रूप ले चुका है, जिससे मार्जिनल और जमींदारी बांध बह गए ...और पढ़ें

Naugachia Flood Erosion: नवगछिया के राघोपुर में गंगा का तांडव, मार्जिनल बांध बहा; रेलवे लाइन पर मंडराया गंभीर खतरा

Naugachia Flood Erosion: नवगछिया के राघोपुर में गंगा का तांडव, मार्जिनल बांध बहा; रेलवे लाइन पर मंडराया गंभीर खतरा

HighLights

  1. गंगा कटाव से राघोपुर में बांधों का अस्तित्व समाप्त।

  2. रेलवे लाइन के करीब पहुंची 40 मीटर गहरी गंगा धारा।

  3. कटाव निरोधी उपाय अप्रभावी, ग्रामीणों में दहशत।

संवाद सूत्र, नवगछिया (भागलपुर)। नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत राघोपुर में गंगा नदी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। नदी का कटाव अब इस कदर विकराल हो चुका है कि सुरक्षात्मक मार्जिनल बांध को पूरी तरह निगलने के बाद गंगा की लहरें अब सीधे रेलवे लाइन की ओर रुख कर चुकी हैं।

मार्जिनल और जमींदारी बांध का अस्तित्व लगभग खत्म होने के बाद अब करीब दो से तीन किलोमीटर के दायरे में रेल लाइन के समीपवर्ती इलाकों में तेजी से मिट्टी का धंसान और भीषण कटाव हो रहा है। गंगा की मुख्य और अत्यंत गहरी धारा सीधे जमीन को काटती हुई आगे बढ़ रही है, जिससे इस रेलखंड पर परिचालन की सुरक्षा को लेकर अभूतपूर्व संकट खड़ा हो गया है।

बंबू रोल भी बेअसर

कटाव की गति इतनी तीव्र है कि महज कुछ ही घंटों के भीतर बड़े-बड़े भूखंड नदी में समाते जा रहे हैं। इसे देख तटवर्ती इलाकों के ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल बन गया है। राघोपुर-खैरपुर के पास स्थित जमींदारी बांध का एक बड़ा हिस्सा पूर्व में ही गंगा के आगोश में समा चुका है और अब बचा हुआ किनारा भी लगातार टूट रहा है।

  • नवगछिया के राघोपुर में गंगा के कटाव का रौद्र रूप, जमींदारी और मार्जिनल बांध का अस्तित्व लगभग हुआ समाप्त

  • दो से तीन किलोमीटर के दायरे में तेजी से धंस रही जमीन, रेलवे ट्रैक के बिल्कुल करीब पहुंची गंगा की 35-40 मीटर गहरी मुख्य धारा

  • जल संसाधन विभाग की ओर से चलाए जा रहे कटाव निरोधी कार्य नाकाफी; जियो बैग व बंबू रोल बहा ले जा रहा नदी का तेज वेग

  • रेलवे ट्रैक के क्षतिग्रस्त होने की आशंका से ग्रामीणों में दहशत, रेल प्रशासन व जिला प्रशासन के अधिकारियों की बढ़ी चिंता

स्थानीय जानकारों के मुताबिक, पूर्व में यहां गंगा की मुख्य धारा रेलवे ट्रैक से काफी दूर बहती थी, लेकिन हाल के दिनों में जलस्तर में उतार-चढ़ाव और नदी के रुख में आए अचानक बदलाव के कारण लगभग 35 से 40 मीटर गहरी मुख्य धारा तटबंध को तोड़ते हुए रेलवे लाइन के बेहद करीब आ पहुंची है।

कटाव निरोधक उपाय पड़ रहे नाकाफी

हालात की गंभीरता को देखते हुए जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से युद्धस्तर पर कटाव निरोधी अभियान चलाया जा रहा है। नदी के बहाव को रोकने के लिए जियो बैग, एनसी बंबू रोल और अन्य बाढ़ संघर्षात्मक सामग्रियों का लगातार इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, गंगा की मुख्य धारा का दबाव और गहरा घुमाव इतना जोरदार है कि नदी के तेज बहाव के सामने यह प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। कई स्थानों पर डाले जा रहे बोरे भी तेज बहाव में समा जा रहे हैं, जिससे तकनीकी दल की चुनौतियां बढ़ गई हैं।

रेलवे ट्रैक पर सीधा खतरा, ग्रामीणों में पसरा खौफ

अब सबसे बड़ी चिंता रेलवे लाइन के बुनियादी ढांचे को बचाने की बन गई है। यदि कटाव की यही रफ्तार बनी रही, तो बहुत जल्द पानी रेलवे ट्रैक की गिट्टियों और तटबंध तक पहुंचकर ट्रैक को क्षतिग्रस्त कर सकता है, जिससे इस रेल मार्ग पर ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह ठप होने का अंदेशा है। हालात की भयावहता को देखते हुए राघोपुर और खैरपुर के ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर हैं। लोग अपनी आंखों के सामने जमीनों को समाते देख सहमे हुए हैं और रेलवे व जिला प्रशासन से आपातकालीन स्तर पर ठोस व स्थायी सुरक्षात्मक कदम उठाने की गुहार लगा रहे हैं।