भागलपुर। शहर के दक्षिणी क्षेत्र को जलजमाव को निजात दिलाने के लिए नगर निगम ने कार्य योजना बनाई है। इस बार लोगो के सुझाव पर निगम कार्य करेगी, अगर सफलता मिल गई तो करीब एक लाख की आबादी को फायदा होगा। भोलानाथ अंडरपास में जल जमाव का तारणहार ब्रिटिश जमाने का नाला बनेगा। वर्तमान में नाला भूगर्भ के 10 फीट की गहराई में समा चुकी है। इस नाले की नियमित सफाई नहीं होने से मिट्टी से ढक गया है। जिसके कारण निकास की समस्या उत्पन्न हो गई है। ब्रिटिश काल का बड़ा नाला है। इस नाले की खोज के लिए नगर निगम ने 10 सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है। इसमें नगर निगम के दो जूनियर इंजीनियर, स्वच्छता प्रभारी और जोनल प्रभारी रहेंगे, जबकि विषहरी पूजा समिति और स्थानीय पांच लोगों को शामिल किया जाएगा। इसमें स्थानीय लोगों का सहयोग लिया जाएगा। श्रावणी मेले के समापन के बाद नाले की खोदाई शुरू होगी। नाला खोदाई के लिए एक जेसीबी, ट्रैक्टर और 20 मजदूर की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यो के निगरानी का दायित्व स्वास्थ्य शाखा प्रभारी महेश साह को सौंपी गई है। पूजा समिति के शशि श्ाकर राय के सुझाव पर नगर आयुक्त श्याम बिहारी मीणा ने संज्ञान लिया है। उन्होंने स्वास्थ्य शाखा प्रभारी को आदेश दिया कि जब निगम के संसाधन और मानव बल है तो सफाई में व्यवधान नहीं होनी चाहिए। डिक्सन चौक से भोलानाथ पुल, बौंसी पुल से होते कमलनगर कॉलोनी के पीछे होते हुए गोरधय नदी में नाले का निकास था। नाले की सफाई नहीं होने से जमींदोज हो गई। नगर आयुक्त ने कहा कि नाले को अतिक्रमण मुक्त कराकर सफाई कराई जाएगी। इससे सरमसपुर में जलजमाव की समस्या का निदान हो जाएगा।

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